Thursday, 5 November 2026
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सदर अस्पताल में कैदी की मौत: परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया मारपीट का आरोप

शहर के टाउन थाना क्षेत्र के आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक जेल बंद कैदी की मौत हो गई है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय संतोष चौधरी के रूप में हुई है

सदर अस्पताल में कैदी की मौत: परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाया मारपीट का आरोप

केटी न्यूज़/आरा

आरा। शहर के टाउन थाना क्षेत्र के आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक जेल बंद कैदी की मौत हो गई है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय संतोष चौधरी के रूप में हुई है, जो चरपोखरी थाना क्षेत्र के बगही टोला गांव का निवासी था। उसकी मौत बुधवार रात इलाज के दौरान हुई। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है, जिन्होंने जेल पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।

मृतक संतोष चौधरी को शराब के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बुधवार को उसकी तबियत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया। सहायक पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि संतोष की मौत की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन जेल के वार्ड में उसकी मारपीट का मामला अभी तक सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी, और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

संतोष के पिता सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में अपने बेटे को देखा था, तो उसके पैरों पर जख्म के निशान थे। जब उन्होंने जेल के सिपाही से इस बारे में पूछा, तो उसे बताया गया कि संतोष वार्ड में हल्ला कर रहा था, जिसके कारण उसे डंडा मारा गया। सुरेंद्र ने कहा कि उन्होंने जेल प्रशासन से अपने बेटे को मारने से मना किया था। बुधवार रात करीब 9:30 बजे जेल प्रशासन ने उन्हें फोन किया कि संतोष की हालत गंभीर है। जब वे अस्पताल पहुंचने के रास्ते में थे, तब उन्हें फिर से सूचना मिली कि संतोष की मौत हो गई है।

सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा के निर्देश पर तीन चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित किया गया था, जिसने संतोष के शव का पोस्टमार्टम वीडियो ग्राफी के साथ किया। डॉक्टरों के बोर्ड में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. के.एस. चौबे, डॉ. सरोज कुमार और डॉ. आर.एन. यादव शामिल थे। पुलिस द्वारा बनाई गई मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि संतोष की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है, लेकिन मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

संतोष चौधरी अपने परिवार में दूसरे स्थान पर था। उसकी शादी 2015 में हुई थी और वह तीन पुत्रों-प्रियांशु, प्रिंस और पंकज—और दो पुत्रियों, रुक्मणी और छोटी का पिता था। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। उसकी मां राधिका देवी और पत्नी कांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

संतोष की मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों ने न्याय की मांग की है और इस मामले की जांच की आवश्यकता जताई है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कैदी की मौत के पीछे असली कारण क्या था। इस घटना ने जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, और परिवार के सदस्यों ने न्याय की उम्मीद जताई है।

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