चौसा आरओबी की मरम्मत पर उठे सवाल, धंसी सड़क पर सिर्फ कालीकरण का आरोप
चौसा रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की पहुंच पथ धंसने के मामले में अब मरम्मत कार्य भी विवादों में आ गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर स्थायी समाधान के बजाय खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मूल समस्या को दूर किए बिना केवल ऊपर से तारकोल डालकर मरम्मत का दिखावा किया जा रहा है।

केटी न्यूज/चौसा
चौसा रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की पहुंच पथ धंसने के मामले में अब मरम्मत कार्य भी विवादों में आ गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर स्थायी समाधान के बजाय खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मूल समस्या को दूर किए बिना केवल ऊपर से तारकोल डालकर मरम्मत का दिखावा किया जा रहा है।दरअसल, करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित चौसा आरओबी की पहुंच पथ चालू होने के कुछ ही दिनों बाद कई स्थानों पर धंसने लगी थी। सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई थी और गिट्टियां बिखरने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होने लगी थी।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज होने के बाद निर्माण एजेंसी ने जल्दबाजी में क्षतिग्रस्त हिस्सों पर गिट्टी डालकर कालीकरण करा दिया। हालांकि, लोगों का आरोप है कि सड़क के नीचे धंसे हिस्से और कमजोर बेस की मरम्मत नहीं की गई।ग्रामीणों ने बताया कि भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क में कंपन महसूस हो रहा है, जिससे लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हुआ होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पहुंच पथ निर्माण के दौरान मिट्टी भराई और बेस लेयर को पर्याप्त मजबूती नहीं दी गई, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।

स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की स्थिति अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। ऊपर से कालीकरण किए जाने के बावजूद कई हिस्सों में धंसाव के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़क एक सप्ताह भी टिकाऊ साबित नहीं हो रही है, तो यह निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

