बक्सर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 736 मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा

व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के दौरान न्यायिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 736 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया। इस दौरान करीब 2 करोड़ 24 लाख 60 हजार 572 रुपये की समझौता राशि वाले मामलों का निपटारा कराया गया। मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 14 बेंचों का गठन किया गया था।

बक्सर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 736 मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा

__ पटना हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव ने किया उद्घाटन, सुलह समझौते से करोड़ों रुपये के मामलों का निष्पादन

केटी न्यूज/बक्सर

व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के दौरान न्यायिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 736 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया। इस दौरान करीब 2 करोड़ 24 लाख 60 हजार 572 रुपये की समझौता राशि वाले मामलों का निपटारा कराया गया। मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 14 बेंचों का गठन किया गया था।कार्यक्रम का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति एवं न्यायमंडल बक्सर की निरीक्षी न्यायाधीश सोनी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उनके साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष काजल झाम्ब, जिलाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार प्रथम तथा अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।लोक अदालत के उद्घाटन अवसर पर न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। इसमें किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों को आपसी समझौते से समाप्त कर समाज में सौहार्द कायम किया जा सकता है।इस मौके पर न्यायमूर्ति ने दिव्यांग बच्चों के बीच ट्राई साइकिल, स्कूल बैग एवं अन्य उपयोगी सामग्री का वितरण भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सह अवर न्यायाधीश  नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत को न्यायिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आम लोग वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाते रहते हैं, जबकि लोक अदालत के माध्यम से एक ही दिन में सुलह के आधार पर विवादों का समाधान संभव है। इससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का दबाव भी कम होता है।राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। कुल 294 बैंक वादों का निपटारा करते हुए 1 करोड़ 99 लाख 30 हजार 791 रुपये की समझौता राशि पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके अलावा यातायात से जुड़े 160 मामले, 143 विद्युत मामले, 120 आपराधिक मामले तथा 19 वैवाहिक विवादों का भी निपटारा किया गया।

लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति के बाद तैयार किए गए अवार्ड की प्रतियां पक्षकारों को उपलब्ध कराई गईं। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत के निर्णय को न्यायालय के आदेश के समान मान्यता प्राप्त होती है।कार्यक्रम के दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, अनुपमा सिंह, भोला सिंह तथा महेश्वर नाथ पांडेय समेत कई न्यायिक अधिकारी विभिन्न पीठों में उपस्थित रहे।इसके अलावा पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयंसेवक एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी भी लोक अदालत के सफल संचालन में सक्रिय रूप से शामिल रहे। दिनभर न्यायालय परिसर में पक्षकारों की भीड़ और समझौता वार्ताओं का दौर चलता रहा, जिससे पूरे आयोजन में न्यायिक सक्रियता का माहौल बना रहा।