डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में प्रशासनिक फेरबदल, कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बाद प्रभारी उपाधीक्षक बदलीं

डुमरांव अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए सवालों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रभारी उपाधीक्षक डॉ प्रेमा कुमारी को पद से हटा दिया गया है।

डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में प्रशासनिक फेरबदल, कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बाद प्रभारी उपाधीक्षक बदलीं

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए सवालों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रभारी उपाधीक्षक डॉ प्रेमा कुमारी को पद से हटा दिया गया है। सिविल सर्जन द्वारा जारी आदेश ज्ञापांक 3160 के अनुसार अब अस्पताल की जिम्मेदारी वरीयता क्रमांक 1877 के डॉ शिव कुमार चौधरी को कार्यकारी उपाधीक्षक के रूप में सौंपी गई है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि डॉ प्रेमा कुमारी को अस्पताल के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन इस दौरान कई स्तरों पर अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही और मरीजों को समय पर बेहतर इलाज नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

इसके बाद विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया।सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद चक्रवर्ती ने अपने आदेश में अस्पताल की स्थिति को लेकर मिल रही शिकायतों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के कारण आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा था और अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे थे। वहीं, अस्पताल से जुड़ी नकारात्मक खबरें भी लगातार प्रकाशित हो रही थीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी।बताया जाता है कि हाल के दिनों में अस्पताल के एमएनसीयू वार्ड में सामने आई लापरवाही के मामले ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया था। इस प्रकरण को जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी।

इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई और अस्पताल प्रबंधक को निलंबित किया जा चुका है।प्रशासन का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव के बाद अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पताल संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नए कार्यकारी उपाधीक्षक के सामने अब अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने, मरीजों की शिकायतों का समाधान करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बड़ी चुनौती होगी।