रघुनाथपुर रूट को मिली रफ्तार, बलिया–आरा रेल लाइन पर बदलेगा नक्शा

बलिया–आरा प्रस्तावित रेल परियोजना के एलाइनमेंट को लेकर अब नया मोड़ आता दिख रहा है। जगजीवन हाल्ट के बजाय रघुनाथपुर होकर रेल लाइन ले जाने की मांग को रेलवे प्रशासन से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद क्षेत्र में उम्मीदें बढ़ गई हैं।

रघुनाथपुर रूट को मिली रफ्तार, बलिया–आरा रेल लाइन पर बदलेगा नक्शा

__ जनप्रतिनिधियों और रेल संगठनों की पहल रंग लाई, रेलवे ने दिए सकारात्मक संकेत

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

बलिया–आरा प्रस्तावित रेल परियोजना के एलाइनमेंट को लेकर अब नया मोड़ आता दिख रहा है। जगजीवन हाल्ट के बजाय रघुनाथपुर होकर रेल लाइन ले जाने की मांग को रेलवे प्रशासन से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद क्षेत्र में उम्मीदें बढ़ गई हैं। डुमरांव विधायक राहुल सिंह द्वारा रेल मंत्री और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे गए प्रस्ताव पर रेलवे ने “नियमानुसार कार्रवाई” का भरोसा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है।दरअसल, लंबे समय से रेल यात्री कल्याण समिति और स्थानीय संगठनों द्वारा बलिया–रघुनाथपुर–आरा रूट को अधिक व्यवहारिक बताते हुए इसकी पैरवी की जा रही थी।

समिति के महामंत्री शैलेश कुमार ओझा ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव में दावा किया था कि रघुनाथपुर एलाइनमेंट तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मौजूदा प्रस्तावित रूट से कहीं बेहतर साबित हो सकता है।प्रस्ताव के मुताबिक रघुनाथपुर स्टेशन पहले से नई दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेलखंड का महत्वपूर्ण जंक्शन है और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इसका विकास भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां से रेल परियोजना जोड़ने पर अतिरिक्त स्टेशन ढांचा और तकनीकी निर्माण पर कम खर्च आएगा। यही नहीं, इस रूट से परियोजना की लंबाई लगभग 61 किलोमीटर से घटकर करीब 35 किलोमीटर तक सिमट सकती है, जिससे निर्माण लागत और समय दोनों में बड़ी बचत संभव है।

प्रस्ताव में यह भी तर्क दिया गया है कि वर्तमान प्रस्तावित मार्ग कई स्थानों पर बाढ़ और दलदली क्षेत्र से गुजरता है, जबकि रघुनाथपुर रूट अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्थिर भूभाग पर स्थित है। इसके अलावा बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर और बलिया के बाबा भृगुनाथ धाम के बीच सीधा रेल संपर्क बनने से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।औद्योगिक दृष्टिकोण से भी इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। रघुनाथपुर के जेके सीमेंट प्लांट और नवानगर के कोका-कोला प्लांट जैसे बड़े उद्योगों को रेल कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्रीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है।