तेल पाइपलाइन सुरक्षा पर फोकस: छतनवार में मॉकड्रिल से सिखाए गए आपदा प्रबंधन के गुर
अनुमंडल क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के छतनवार गांव स्थित आईओसीएल की मुख्य तेल पाइपलाइन पर एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन में संभावित रिसाव या आग लगने जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को परखना और लोगों को प्रशिक्षित करना था।
__ अग्निशमन व एसडीआरएफ की संयुक्त पहल, ग्रामीणों और कर्मचारियों को दिया गया रेस्क्यू व सुरक्षा प्रशिक्षण
केटी न्यूज/डुमरांव
अनुमंडल क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के छतनवार गांव स्थित आईओसीएल की मुख्य तेल पाइपलाइन पर एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन में संभावित रिसाव या आग लगने जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को परखना और लोगों को प्रशिक्षित करना था।मॉकड्रिल में डुमरांव अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ बिहटा की संयुक्त टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के दौरान एक काल्पनिक आपात स्थिति तैयार की गई, जिसमें पाइपलाइन में रिसाव के बाद आग लगने की स्थिति को दर्शाया गया। इस दौरान टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने, क्षेत्र को सुरक्षित करने और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी शिखा कुमारी ने बताया कि ऐसी मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराहट सबसे बड़ी समस्या होती है, इसलिए लोगों को सही समय पर सही कदम उठाने की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों को निर्देश दिया कि पाइपलाइन से जुड़ी किसी भी असामान्य गतिविधि या रिसाव की स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें। त्वरित सूचना से ही बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने आग बुझाने के प्राथमिक उपायों और सुरक्षा उपकरणों जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।एसडीआरएफ टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव प्रदर्शन करते हुए बताया कि आपातकाल में किस तरह तेजी, समन्वय और तकनीकी दक्षता के साथ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझाया।

मॉकड्रिल के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्हें आपदा के समय संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे नियमित अभ्यास से न केवल आपदा प्रबंधन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ती है, जिससे जनहानि की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।

