अस्मिता लीग में कुप्रबंधन के आरोप, जांच की उठी मांग
बक्सर में महिलाओं को खेल के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित ‘अस्मिता लीग 2026’ अब सवालों के घेरे में आ गई है। जागृति युवा क्लब पवनी के अध्यक्ष संजय गोंड़ ने आयोजन में भारी अनियमितता और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
केटी न्यूज/चौसा
बक्सर में महिलाओं को खेल के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित ‘अस्मिता लीग 2026’ अब सवालों के घेरे में आ गई है। जागृति युवा क्लब पवनी के अध्यक्ष संजय गोंड़ ने आयोजन में भारी अनियमितता और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च तथा 13-14 मार्च को किला मैदान, बक्सर में खेलो इंडिया और जिला प्रशासन के सहयोग से बड़े स्तर पर खेल प्रतियोगिता आयोजित होनी थी, जिसमें लगभग 500 महिला खिलाड़ियों की भागीदारी प्रस्तावित थी।

लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग रही। कार्यक्रम न तो तय मानकों पर खरा उतरा और न ही व्यवस्थाएं संतोषजनक दिखीं।संजय गोंड़ के अनुसार आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला युवा अधिकारी द्वारा समय रहते पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। न ही जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया, जिसके कारण पूरे आयोजन की व्यवस्था चरमरा गई। उन्होंने आरोप लगाया कि खेल प्रतियोगिता के दौरान कई स्थानों पर अव्यवस्था, संसाधनों की कमी और प्रबंधन की लापरवाही साफ नजर आई।मामले को और गंभीर बनाते हुए उन्होंने वित्तीय अनियमितता की भी आशंका जताई।

उनका कहना है कि प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता के लिए निर्धारित 25 हजार रुपये की राशि में से मात्र 12,500 रुपये ही भुगतान किया गया, जिससे संबंधित समितियों और खिलाड़ियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी कारण राजपुर और चौसा प्रखंड की टीमों ने नाराजगी जताते हुए प्रतियोगिता से दूरी बना ली।युवा क्लब अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से न केवल खिलाड़ियों का मनोबल टूटता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की साख पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिल सके।

