राजस्थान माइंस हादसा: पांचवें दिन खाई के पास मिला लापता रामानंद का जूता, परिजन अब भी उम्मीद में
राजस्थान के रामगढ़ उडे़ला माइंस हादसे में लापता डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी की तलाश पांचवें दिन भी जारी है। इस बीच बुधवार को घटनास्थल के समीप खाई के किनारे से उनका एक जूता बरामद होने की सूचना मिली है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि अब तक युवक का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
-- पांचवें दिन भी घर में नहीं जला चूल्हा, मां व बहन ने डीएम बक्सर व जन प्रतिनिधियों से लगाई गुहार, राज्य सरकार से स्थानीय रोजगार की मांग तेज
केटी न्यूज/डुमरांव
राजस्थान के रामगढ़ उडे़ला माइंस हादसे में लापता डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी की तलाश पांचवें दिन भी जारी है। इस बीच बुधवार को घटनास्थल के समीप खाई के किनारे से उनका एक जूता बरामद होने की सूचना मिली है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि अब तक युवक का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।ज्ञात हो कि शुक्रवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे माइंस में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गया था। उसी दौरान पोकलेन मशीन चला रहे रामानंद तिवारी मशीन सहित खाई में समा गए थे। खाई में भारी मात्रा में पानी भरे होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न हुई।चौथे दिन प्रशासन ने कई क्रेनों की मदद से खाई में गिरी पोकलेन मशीन को बाहर निकाल लिया था, लेकिन चालक का अब तक पता नहीं चल सका है।पांचवें दिन खाई के पास से मिला जूता हादसे की गंभीरता को और गहरा कर रहा है।

परिजन किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं, लेकिन अब भी उन्हें चमत्कार की उम्मीद है। उसके पैतृक गांव रजडीहा में मातमी सन्नाटा पसरा है। रामानंद के घर पांचवें दिन भी चूल्हा नहीं जला है। माता देवी, पिता पारसनाथ तिवारी और बहन शिल्पी देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।बहन शिल्पी ने जिलाधिकारी साहिला से फोन पर बात कर भाई की शीघ्र और सक्रिय तलाश करवाने की गुहार लगाई है। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि वे राजस्थान के संबंधित जिलाधिकारी से बात कर युवक की खोजबीन में तेजी लाने का आग्रह करेंगी।परिवार ने स्थानीय सांसद, विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाकर खोज अभियान को और तेज किया जा सके।

इधर, मौके पर मौजूद दिव्यांग संघ के जिलाध्यक्ष अगस्त उपाध्याय ने राज्य सरकार से मांग की है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें दूसरे राज्यों में जोखिम भरे कार्यों के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नवानगर को स्पेशल आर्थिक जोन घोषित किए जाने के बावजूद क्षेत्र में संसाधन, बाजार और औद्योगिक गतिविधियों का अभाव है। कई कंपनियां बंद हो चुकी हैं, जिससे बेरोजगार युवा दूसरे प्रदेशों में काम करने को मजबूर हैं और कई बार हादसों का शिकार हो रहे हैं।गांव में शोक और बेबसी का माहौल है। लोग ईश्वर से रामानंद की सलामती की दुआ कर रहे हैं, वहीं प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस परिणाम की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पांच दिन बीत जाने के बाद भी तलाश जारी है, लेकिन हर गुजरता दिन परिजनों की पीड़ा को और गहरा कर रहा है।

