गंभीर एनीमिया से जूझ रही गर्भवतियों को राहत, जिला अस्पताल में शुरू हुआ विशेष इंजेक्शन अभियान
जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के उपचार के लिए गुरुवार से एफसीएम (फेरिस कार्बॉक्सी मालटोज) इंजेक्शन कार्यक्रम लागू कर दिया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की, जिसमें सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारी जुड़े।


केटी न्यूज/बक्सर :
जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल में एक नई पहल की शुरुआत की गई है। गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के उपचार के लिए गुरुवार से एफसीएम (फेरिस कार्बॉक्सी मालटोज) इंजेक्शन कार्यक्रम लागू कर दिया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की, जिसमें सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारी जुड़े।जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार चक्रवर्ती सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल खास तौर पर उन गर्भवती महिलाओं के लिए है, जो गंभीर एनीमिया से प्रभावित हैं और जिनके लिए सामान्य आयरन दवाएं पर्याप्त असर नहीं कर पातीं।कार्यक्रम के पहले चरण में 20 चयनित गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, इस इंजेक्शन की एक खुराक से ही हीमोग्लोबिन स्तर में तेजी से सुधार संभव है। औसतन 2.5 ग्राम तक हीमोग्लोबिन बढ़ने की संभावना इसे अन्य उपचारों की तुलना में अधिक प्रभावी बनाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इस तरह का उपचार मिलने से गर्भवती महिलाओं की सेहत में सुधार होगा और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी आएगी। साथ ही मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी यह कार्यक्रम सहायक सिद्ध हो सकता है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसे “स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु” अभियान की दिशा में एक अहम कदम बताया है। आने वाले दिनों में इस योजना का विस्तार कर अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

