प्रशासन के आश्वासन पर छह दिन बाद थमा सड़क आंदोलन

जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर पिछले छह दिनों से चल रहा सामाजिक संस्था स्वयं शक्ति का आंदोलन मंगलवार की देर रात प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। करीब रात 10 बजे बीडीओ मोनालिसा प्रियदर्शिनी और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा धरनास्थल पर पहुंचे।

प्रशासन के आश्वासन पर छह दिन बाद थमा सड़क आंदोलन

__ भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक, 15 दिनों में सड़क मरम्मत शुरू कराने का भरोसा; बीडीओ व थानाध्यक्ष ने मिठाई खिलाकर कराया अनशन समाप्त

केटी न्यूज/डुमरांव।

जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर पिछले छह दिनों से चल रहा सामाजिक संस्था स्वयं शक्ति का आंदोलन मंगलवार की देर रात प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। करीब रात 10 बजे बीडीओ मोनालिसा प्रियदर्शिनी और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया और मिठाई खिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई।सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर संस्था के सदस्य लगातार धरना दे रहे थे। पिछले दो दिनों से आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। आंदोलन के कारण प्रशासन पर मांगों के समाधान को लेकर दबाव बढ़ गया था। इस दौरान अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। अंततः प्रशासन ने प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आंदोलनकारियों की सबसे प्रमुख मांग जर्जर एनएच-120 की मरम्मत कराने की थी। इसके अलावा शहर की सड़कों पर भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश पर रोक लगाने और सड़क निर्माण के लिए नई निविदा प्रक्रिया शुरू कराने की मांग भी रखी गई थी। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि 15 दिनों के भीतर सड़क मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा। वहीं, स्थायी समाधान के लिए नई निविदा प्रक्रिया में भी तेजी लाने की बात कही गई। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित कार्यों की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि तय समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन के समयबद्ध आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। आंदोलन समाप्त होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जर्जर सड़क, गड्ढों और भारी वाहनों के दबाव के कारण शहरवासियों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब लोगों की नजर प्रशासन के 15 दिन के आश्वासन पर टिकी है। यदि निर्धारित समय में मरम्मत कार्य शुरू होता है तो सड़क समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।