जनजातीय परिवारों तक योजनाओं की पहुंच होगी शत-प्रतिशत, अधिकारियों को मिला टास्क
जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के जनजातीय परिवारों को चिह्नित कर उन्हें सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है।

__ 17 चिह्नित गांवों के आदि सेवा केंद्रों पर सप्ताह में एक दिन बैठेंगे अधिकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की होगी नियमित निगरानी
केटी न्यूज/बक्सर।
जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के जनजातीय परिवारों को चिह्नित कर उन्हें सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ माइक्रोप्लान बनाकर काम करने और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, 17 चिह्नित गांवों में संचालित आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

इसको लेकर शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित नए सभाकक्ष में अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में जनजातीय विषयों पर जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों तथा आदि सेवा केंद्रों से जुड़े विकास मित्रों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

__ आदि सेवा केंद्रों पर अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य
अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि जनजातीय परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के लिए केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि धरातल पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी 17 चिह्नित गांवों में संचालित आदि सेवा केंद्रों पर सप्ताह में कम-से-कम एक दिन उपस्थित रहकर अधिकारियों को आवेदन प्राप्त करने और उनका त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए जिला स्तर पर निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार काम करने को कहा गया। उन्होंने प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं, जिला कल्याण पदाधिकारी को पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके।

__ स्वास्थ्य से रोजगार तक, हर क्षेत्र पर फोकस
सेमिनार में जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं। स्वास्थ्य विभाग को विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण और टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। शिक्षा विभाग को विद्यालय से बाहर रह रहे और अब तक नामांकित नहीं हुए जनजातीय बच्चों को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने का निर्देश दिया गया।जीविका को अधिकाधिक जनजातीय महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा आईसीडीएस को बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया।

सामाजिक सुरक्षा कोषांग को सभी पात्र लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने, जबकि जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) और संबंधित विभागों को युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सेमिनार में स्वास्थ्य एवं पोषण, जल एवं स्वच्छता, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी सेवाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विभागीय वक्ताओं ने योजनाओं की जानकारी देने के साथ प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान किया। अपर समाहर्ता ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग समन्वित प्रयास करें, ताकि जनजातीय समुदाय तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सके।


