डुमरांव में बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करने वाले एसडीपीओ पोलस्त को फिर मिला सम्मान, डीआईजी के बाद एसपी ने भी किया सम्मानित
डुमरांव अनुमंडल में बीते कुछ समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर जो सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, उसने पुलिस कार्यशैली की एक नई मिसाल पेश की है। इसी प्रभावी और संतुलित पुलिसिंग के कारण एसडीपीओ पोलस्त कुमार को विभागीय स्तर पर लगातार सराहना मिल रही है। हाल ही में एसपी शुभम आर्य द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसने उनके कार्यों को औपचारिक मान्यता दी।

__ त्योहारों से लेकर वीआईपी दौरे तक—संतुलित पुलिसिंग और टीमवर्क की मिसाल
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडल में बीते कुछ समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर जो सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, उसने पुलिस कार्यशैली की एक नई मिसाल पेश की है। इसी प्रभावी और संतुलित पुलिसिंग के कारण एसडीपीओ पोलस्त कुमार को विभागीय स्तर पर लगातार सराहना मिल रही है। हाल ही में एसपी शुभम आर्य द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसने उनके कार्यों को औपचारिक मान्यता दी।यह सम्मान केवल एक अधिकारी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस कार्यप्रणाली का प्रतीक है जिसमें रणनीति, सतर्कता और जनसहभागिता को बराबर महत्व दिया गया। डुमरांव क्षेत्र में विशेष रूप से त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन इस बार होली, ईद और रामनवमी जैसे अवसर बिना किसी बड़े विवाद के शांतिपूर्वक संपन्न हुए।

इसके पीछे पुलिस की पूर्व तैयारी, संवेदनशील इलाकों की पहचान और समय पर की गई कार्रवाई को प्रमुख कारण माना जा रहा है।एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने केवल सुरक्षा व्यवस्था तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आम लोगों के बीच विश्वास कायम करने पर भी विशेष ध्यान दिया। स्थानीय स्तर पर संवाद, त्वरित प्रतिक्रिया और गश्ती व्यवस्था को मजबूत कर पुलिस ने अपनी मौजूदगी का भरोसा दिलाया। इसका असर यह रहा कि आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ी और पुलिस के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित हुआ।इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान भी डुमरांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति अपनाई गई। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों की निगरानी में पुलिस की सक्रियता साफ नजर आई।

कार्यक्रम के सफल संचालन में एसडीपीओ की भूमिका अहम रही, जिसे उच्च अधिकारियों ने भी सराहा।एसपी शुभम आर्य ने क्राइम मीटिंग के दौरान कहा कि इस तरह की कार्यशैली पुलिस विभाग के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था केवल सख्ती से नहीं, बल्कि समझदारी और समन्वय से संभव होती है। साथ ही सभी अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे भी इसी तरह जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।इस सम्मान के बाद पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है। अधिकारियों और जवानों के बीच यह संदेश गया है कि मेहनत और ईमानदारी से किए गए कार्यों की सराहना जरूर होती है। वहीं, एसडीपीओ ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी पूरी टीम और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन को देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

