9 मई को बक्सर में राष्ट्रीय लोक अदालत, हजारों लंबित मामलों के निपटारे का मौका
व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर में आगामी 9 मई को वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार अध्यक्ष काजल झांब ने प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी देते हुए आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।

__ बैंक, बिजली, मारपीट व परिवहन चालान मामलों पर विशेष फोकस, आपसी समझौते से मिलेगा त्वरित समाधान
केटी न्यूज/बक्सर
व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर में आगामी 9 मई को वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार अध्यक्ष काजल झांब ने प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी देते हुए आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसा वैकल्पिक मंच है, जहां विवादों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है।इसमें न किसी पक्ष की हार होती है और न ही जीत, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाता है।

इस अदालत में निपटाए गए मामलों पर आगे अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है।इस बार आयोजित लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मारपीट, बंटवारा, सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग से जुड़े चालान मामलों के निष्पादन पर विशेष जोर रहेगा। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों को 50 प्रतिशत तक की छूट मिलने की भी संभावना है, जिससे लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी।जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कई मामलों में लोग वर्षों से न्यायालय के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में लोक अदालत उनके लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां कम समय में सरल प्रक्रिया के तहत मामले का निपटारा संभव है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने विवादों को सुलह के माध्यम से समाप्त करें और समय व धन दोनों की बचत करें।जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने बताया कि लोक अदालत को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संबंधित पक्षों को नोटिस भेजे जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके।गौरतलब है कि इससे पहले 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1708 मामलों का निष्पादन सुलह-समझौते के आधार पर किया गया था। इस बार भी बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।

