ब्रह्मपुर में कानून-व्यवस्था पर एसपी सख्त: 200 लंबित कांडों पर लगाई फटकार, नशा-जुआ और अतिक्रमण पर विशेष अभियान के संकेत

ब्रह्मपुर थाना परिसर में गुरुवार को एसपी ने जनता दरबार का आयोजन कर आम जनता की समस्याओं को सुना तथा उसके त्वरित निष्पादन की दिशा में सख्ती से निर्देश दिए। एसपी का यह जनता दरबार महज शिकायतों की औपचारिक सुनवाई नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय कानून-व्यवस्था की परतें खोलने वाला मंच साबित हुआ। एसपी शुभम आर्य की अध्यक्षता में हुए इस दरबार में जहां एक ओर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर बढ़ते नशा, जुआ और अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं। एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौजूद रहे।

ब्रह्मपुर में कानून-व्यवस्था पर एसपी सख्त: 200 लंबित कांडों पर लगाई फटकार, नशा-जुआ और अतिक्रमण पर विशेष अभियान के संकेत

-- जनता दरबार में उठे धार्मिक संवेदनशीलता, अवैध कारोबार और पुलिस निष्क्रियता के मुद्दे; महाशिवरात्रि को लेकर सुरक्षा का कड़ा खाका तैयार

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

ब्रह्मपुर थाना परिसर में गुरुवार को एसपी ने जनता दरबार का आयोजन कर आम जनता की समस्याओं को सुना तथा उसके त्वरित निष्पादन की दिशा में सख्ती से निर्देश दिए। एसपी का यह जनता दरबार महज शिकायतों की औपचारिक सुनवाई नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय कानून-व्यवस्था की परतें खोलने वाला मंच साबित हुआ। एसपी शुभम आर्य की अध्यक्षता में हुए इस दरबार में जहां एक ओर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर बढ़ते नशा, जुआ और अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं। एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौजूद रहे।जनता दरबार में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने पर एसपी ने नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याएं सुनने के लिए बनाए गए इस मंच का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में इसकी समुचित सूचना गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया।दरबार में सबसे तीखा मुद्दा ब्रह्मपुर गौ रक्षा दल के प्रतिनिधियों ने उठाया। उन्होंने ऐतिहासिक बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर परिसर के समीप खुले में मांस बिक्री पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया। उनका कहना था कि मंदिर क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए। इस पर एसपी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।इसी बीच स्थानीय महिला तेरगनी देवी ने अपने साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया।

अतिक्रमण और धमकी का मामला भी दरबार में गूंजा। रघुनाथपुर की मीरा देवी ने आरोप लगाया कि उनके घर के सामने ईंट रखकर अस्थायी कब्जा किया गया है। विरोध करने पर मारपीट और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित जांच का निर्देश दिया।जनता दरबार का सबसे गंभीर पहलू क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों को लेकर सामने आया। रघुनाथपुर के पैक्स अध्यक्ष सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जगनारायण चौधरी ने आरोप लगाया कि इलाका शराब और हीरोइन की बिक्री का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे और जुआ के दलदल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद कर रही है। इस पर एसपी ने विशेष अभियान चलाने का संकेत देते हुए कहा कि अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

जनता दरबार के दौरान एसपी ने ब्रह्मपुर थाने में लंबित लगभग 200 कांडों की समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं की कड़ी क्लास लगाते हुए स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों की संख्या चिंताजनक है और जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।आगामी 15 फरवरी को बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ मंदिर में आयोजित महाशिवरात्रि को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। एसपी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की अलग-अलग तैनाती होगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर रखी जाएगी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। जनता दरबार में उठे मुद्दों ने यह साफ कर दिया कि क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता की आवश्यकता है। अब देखना यह है कि दिए गए निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और आमजन को राहत कब तक मिलती है।