नौ महीने से अधूरी स्टेशन रोड: गड्ढों, जलजमाव और जाम से त्रस्त शहर, अब आंदोलन की चेतावनी
डुमरांव शहर की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल स्टेशन रोड की बदहाली अब शहरवासियों के गुस्से का कारण बनती जा रही है। करीब नौ महीने पहले शुरू हुआ मरम्मत कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। हालत यह है कि संवेदक आधा-अधूरा काम छोड़कर फरार हो चुका है, जबकि जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारी तक चुप्पी साधे हुए हैं।


--आधा-अधूरा मरम्मत छोड़ गायब हुआ संवेदक, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की चुप्पी पर उठने लगे सवाल
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव शहर की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल स्टेशन रोड की बदहाली अब शहरवासियों के गुस्से का कारण बनती जा रही है। करीब नौ महीने पहले शुरू हुआ मरम्मत कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। हालत यह है कि संवेदक आधा-अधूरा काम छोड़कर फरार हो चुका है, जबकि जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारी तक चुप्पी साधे हुए हैं। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और अब आंदोलन की चेतावनी भी खुलकर सामने आने लगी है।शहर की लगभग चार किलोमीटर लंबी स्टेशन रोड के मरम्मत कार्य का बड़े जोर-शोर से शुभारंभ किया गया था। उस समय पूर्व और वर्तमान विधायक के बीच इस सड़क के निर्माण का श्रेय लेने की होड़ मची हुई थी।

बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि जल्द ही स्टेशन रोड की तस्वीर बदल जाएगी और लोगों को जाम व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब वही जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर खामोश नजर आ रहे हैं।स्टेशन रोड पर जगह-जगह बड़े और छोटे गड्ढे बने हुए हैं। कई हिस्सों में सड़क उखड़ चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर अधूरा निर्माण कार्य लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण हर दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क अब दुर्घटनाओं का कारण बन चुकी है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है।

सबसे अधिक परेशानी व्यवसायियों को झेलनी पड़ रही है। स्टेशन रोड शहर के प्रमुख व्यापारिक इलाकों को जोड़ती है, लेकिन जर्जर सड़क और लगातार लगने वाले जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि बाहर से आने वाले व्यापारी और ग्राहक अब डुमरांव बाजार आने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है और आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़क मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। कुछ हिस्सों में गिट्टी डालकर काम रोक दिया गया, जिससे धूल और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो जाएगी।

इस मामले को लेकर सामाजिक संगठन “स्वयं शक्ति” ने भी नाराजगी जताई है। संगठन के धीरज कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्टेशन रोड का मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया तो शहरवासी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम देखना चाहती है।शहरवासियों का कहना है कि स्टेशन रोड की बदहाली अब केवल एक सड़क का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का प्रतीक बन चुका है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर करोड़ों की योजनाओं और बड़े-बड़े दावों के बावजूद शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़क आज भी बदहाल क्यों है।

