उमरपुर में बाल विवाह के खिलाफ अलख, नुक्कड़ नाटक से जागरूक हुए ग्रामीण
सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत उमरपुर के बड़का गांव में सोमवार को बाल विवाह उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ सभा और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह की कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया धनंजय मिश्रा ने की।
__ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, 15100 पर सूचना देने की अपील
केटी न्यूज/बक्सर
सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत उमरपुर के बड़का गांव में सोमवार को बाल विवाह उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ सभा और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह की कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया धनंजय मिश्रा ने की।कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा दयाल उपस्थिति रही। वहीं बक्सर औद्योगिक थाना के प्रभारी सुरेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।नुक्कड़ नाटक का मंचन आशा इकाई की सदस्य एवं पैनल अधिवक्ता दीपिका केशरी, राजेश कुमार तथा पीएलवी शत्रुघ्न सिन्हा, रामजी यादव, प्रमोद कुमार, कवींद्र पाठक, मनन कुमार सिंह और रामराज सिंह द्वारा किया गया। कलाकारों ने प्रभावी अभिनय के जरिए बाल विवाह से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कम उम्र में विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है।सभा के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिलती है तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन, पुलिस या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दें। इसके लिए 15100 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवाओं और किशोरियों की सहभागिता रही। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने तथा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के जनजागरण कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और बाल विवाह पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

