लंबित मांगों पर संघर्ष होगा तेज, बनारपुर में प्रभावितों ने बनाई नई रणनीति

एसजेवीएन थर्मल पावर प्लांट एवं एनएचएआई-319ए परियोजना से प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों, बेरोजगार युवक-युवतियों और ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को बनारपुर पंचायत भवन में आयोजित बैठक में प्रभावित परिवारों ने मुख्य सचिव, कंपनी प्रबंधन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में पटना सचिवालय में हुई वार्ता की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की।

लंबित मांगों पर संघर्ष होगा तेज, बनारपुर में प्रभावितों ने बनाई नई रणनीति

__ मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता की समीक्षा, रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास और आरजी भुगतान के मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

केटी न्यूज/चौसा

एसजेवीएन थर्मल पावर प्लांट एवं एनएचएआई-319ए परियोजना से प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों, बेरोजगार युवक-युवतियों और ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को बनारपुर पंचायत भवन में आयोजित बैठक में प्रभावित परिवारों ने मुख्य सचिव, कंपनी प्रबंधन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में पटना सचिवालय में हुई वार्ता की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की।संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रोजगार, बहाली, पुनर्वास, उचित मुआवजा और आरजी भुगतान से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले कई परिवार आज भी अपने अधिकारों और वादों के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट संघर्ष और जनदबाव बनाए रखना जरूरी है।बैठक में उपस्थित लोगों को मुख्य सचिव स्तर पर हुई वार्ता के विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसानों की मांगों के समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ लगातार संवाद जारी है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी लंबित हैं। इस कारण आंदोलन की धार को कमजोर करने के बजाय और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

इस दौरान आरजी भुगतान प्राप्त कर चुके किसानों तथा अब तक भुगतान से वंचित परिवारों के मामलों की अलग-अलग समीक्षा की गई। डीएलओ द्वारा मांगे गए दस्तावेजों, लंबित भुगतान, खेतिहर मजदूरों और पौनी वर्ग के आरजी भुगतान समेत अन्य समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रभावितों ने कहा कि जब तक सभी पात्र लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।बैठक में किसानों, मजदूरों, बेरोजगार युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुटता का परिचय देते हुए लंबित मांगों के शीघ्र समाधान के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।