09 मई को बक्सर में लगेगी द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत, तीन हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आगामी 09 मई को बक्सर में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत विधिक सेवा सदन एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्चुअल तथा फिजिकल दोनों माध्यमों से आयोजित होगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए गुरुवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष उत्पाद न्यायालय संख्या-02 के न्यायाधीश सोने लाल रजक ने की।

09 मई को बक्सर में लगेगी द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत, तीन हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य

__ विधिक सेवा सदन व व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यम से होगा आयोजन, अधिवक्ताओं संग तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न

केटी न्यूज/बक्सर 

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आगामी 09 मई को बक्सर में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत विधिक सेवा सदन एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्चुअल तथा फिजिकल दोनों माध्यमों से आयोजित होगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए गुरुवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष उत्पाद न्यायालय संख्या-02 के न्यायाधीश सोने लाल रजक ने की।बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की सचिव सह अवर न्यायाधीश नेहा दयाल ने न्यायालय में कार्यरत विभिन्न विभागों के अधिवक्ताओं के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस बार लगभग तीन हजार मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसे लेकर सभी संबंधित विभागों एवं अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंक ऋण, बिजली विभाग, माप-तौल विभाग, आपराधिक मामलों सहित विभिन्न सुलहनीय वादों का अधिकाधिक निष्पादन सुनिश्चित करना रहा। नेहा दयाल ने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे लंबित ऋण वादों तथा अन्य समझौतायोग्य मामलों के पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान के लिए प्रेरित करें, ताकि लोगों का समय और धन दोनों बच सके।उन्होंने बताया कि न्यायालय द्वारा चिन्हित सुलहनीय मामलों की सूची तैयार कर ली गई है। अब संबंधित पक्षकारों को सूचना देकर न्यायालय में उपस्थित होने और आपसी सहमति से मामले समाप्त कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने वादकारियों को लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें, जिससे अधिक से अधिक मामलों का निपटारा संभव हो सके।

नेहा दयाल ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां बिना किसी अदालती शुल्क के, सरल प्रक्रिया के तहत और आपसी सहमति से मुकदमों का अंतिम निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के फैसले को विधिक मान्यता प्राप्त होती है और यह अंतिम माना जाता है। इसके विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता है।उन्होंने विशेष रूप से बैंकों में लंबित सर्टिफिकेट केस, ऋण वसूली मामले तथा बिजली विभाग से जुड़े विवादों के पक्षकारों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और वर्षों पुराने विवादों का स्थायी समाधान कराएं।बैठक में जिला बार संघ, व्यवहार न्यायालय बक्सर के सचिव बिदेस्वरी प्रसाद पांडेय सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि सभी के सहयोग से इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निष्पादन होगा।