नया भोजपुर पैक्स घोटाला: 2 करोड़ के गबन मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, गरीब-मजलूमों के न्याय की आस बढ़ी
नया भोजपुर में संचालित भोजपुर जदीद पैक्स (कोऑपरेटिव बैंक) से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राथमिक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नया भोजपुर निवासी कमालू खान पिता जमालू खान के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी मंगलवार की सुबह की गई। इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ित जमाकर्ताओं में उम्मीद जगी है।
__ आरडी-एफडी के नाम पर वर्षों तक वसूली, परिपक्व राशि मांगने पर टालमटोल; शाखा बंद कर फरार हुआ था प्रबंधन
केटी न्यूज/डुमरांव
नया भोजपुर में संचालित भोजपुर जदीद पैक्स (कोऑपरेटिव बैंक) से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राथमिक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नया भोजपुर निवासी कमालू खान पिता जमालू खान के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी मंगलवार की सुबह की गई। इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ित जमाकर्ताओं में उम्मीद जगी है। यह मामला करीब दो करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय कोऑपरेटिव बैंक के संचालक और अन्य कर्मचारियों पर गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों की जमा पूंजी हड़पने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, इस बैंक में आरडी और एफडी योजनाओं के नाम पर वर्षों तक लोगों से पैसे जमा कराए गए।

--जनता दरबार में खुला था घोटाले का राज
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब कुछ माह पूर्व एसपी शुभम आर्य के जनता दरबार में डेढ़ दर्जन से अधिक पीड़ित एक साथ पहुंचे। सभी ने एक स्वर में आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों की मेहनत की कमाई बैंक में जमा की थी, लेकिन परिपक्व राशि मांगने पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने बताया कि बैंक प्रबंधन ने बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया और बाद में शाखा पर ताला लटका मिला। पीड़ितों के अनुसार, जब उन्होंने अपने पैसे की मांग तेज की तो कुछ कर्मचारियों ने चालाकी से उनकी पासबुक और जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। इससे लोगों के पास अपने जमा पैसे का प्रमाण भी सीमित रह गया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।

--छोटे कारोबारियों और मजदूरों को बनाया निशाना
घोटाले की सबसे गंभीर बात यह है कि इसमें मुख्य रूप से ठेला मजदूर, सब्जी विक्रेता और छोटे व्यवसायी जैसे कमजोर आर्थिक वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। एजेंटों के जरिए इन लोगों को भरोसे में लेकर उनसे पैसे जमा कराए गए। पीड़ितों का आरोप है कि वर्ष 2025 में भी इस मामले की भनक लगी थी, लेकिन उस समय कुछ लोगों को पैसा लौटाकर मामला में आरोपितों ने सभी को पैसा देने का आश्वासन देकर समझौता कर लिया जिसके बाद एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई।शिकायतकर्ताओं में शामिल विकाश कुमार ने बताया कि वे कई वर्षों से इस बैंक में नियमित रूप से बचत करते आ रहे थे। वर्ष 2023 में जब उनकी जमा राशि परिपक्व हुई और उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो बैंक प्रबंधन ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे स्थिति यह हो गई कि बैंक ही बंद हो गया और संचालक गायब हो गए।

--चार नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
एसपी के जनता दरबार के बाद पीड़ित जमाकर्ताओं ने सामूहिक रूप से नया भोजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि गरीबों के विश्वास के साथ बड़ा विश्वासघात है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारिता विभाग भी सक्रिय हुआ। सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, पटना प्रमंडल के संतोष कुमार झा ने 6 जनवरी 2026 को जारी पत्र के माध्यम से जिला सहकारिता पदाधिकारी को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था।

--पुलिस की कार्रवाई जारी
पीड़ितों में नया भोजपुर निवासी रिंकू कुरैशी के 53 हजार रुपये, गुड़िया कुमारी के 40 हजार रुपये, शमशाद कुरैशी के 50 हजार रुपये और गोरख प्रसाद के 9 हजार रुपये सहित कई अन्य लोगों की जमा पूंजी शामिल है। इन सभी का कहना है कि जब राशि निकासी का समय आया, तो बैंक ने भुगतान करने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी। नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जल्द ही फरार अन्य सभी अभियुक्तों को धर दबोचा जाएगा और मामले में अग्रिम कारवाई की जाएगी ताकि पीड़ित लोगों को न्याय मिल सके।

