कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त, पीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या

प्रखंड क्षेत्र में बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के प्रकोप का सीधा असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त, पीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र में बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के प्रकोप का सीधा असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं ठंड के कारण अधिक प्रभावित हो रही हैं।

पीएचसी में प्रतिदिन इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक हो गई है। सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार ठंड बढ़ने से वायरल संक्रमण, निमोनिया और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं अपने खान पान का विशेष ध्यान रखें, पौष्टिक और गर्म भोजन का सेवन करें तथा ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग अवश्य करें। इसके साथ ही उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों को भी ठंड से बचाकर रखने की सलाह दी।डॉ. कुमार ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की तबीयत खराब होने पर लोग स्वयं दवा लेने से बचें और तुरंत पीएचसी पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बढ़ती ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।