वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हुआ यज्ञ परिसर, मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उमड़ी आस्था
नया भोजपुर स्थित तुरहा टोली में आयोजित श्री मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा एवं महायज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को पूरा यज्ञ परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय माता दी के उद्घोष से भक्तिमय बना रहा। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा।

__ पंचांग व मंडप पूजन के साथ महायज्ञ के दूसरे दिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने मां भगवती से मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
केटी न्यूज/डुमरांव।
नया भोजपुर स्थित तुरहा टोली में आयोजित श्री मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा एवं महायज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को पूरा यज्ञ परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय माता दी के उद्घोष से भक्तिमय बना रहा। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। धार्मिक आस्था के इस महापर्व में आसपास के गांवों और कस्बों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।महायज्ञ के दूसरे दिन पंचांग पूजन एवं मंडप पूजन का आयोजन शास्त्रोक्त विधि से संपन्न हुआ। मुख्य आचार्य पंडित दीपक सावर्ण ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुरूप पूजन कर यज्ञ मंडप में देवशक्तियों का आवाहन कराया।

वैदिक ऋचाओं और पवित्र मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ अनुष्ठान में सहभागी बने रहे। यज्ञ की पावन अग्नि और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।यज्ञ स्थल की आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा, पुष्पों से सुसज्जित मंडप और धार्मिक ध्वजों से सजा परिसर मानो देवी आराधना का दिव्य धाम बन गया था। भक्ति संगीत और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा, जिससे श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रवचन, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। स्वयंसेवक भी पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे।समिति ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। महायज्ञ का यह आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति गहरी आस्था का अनुपम उदाहरण बनता जा रहा है।

