बड़का ढकाईच में आस्था का अद्भुत नजारा, प्राण प्रतिष्ठा के साथ गूंजे जयकारे

बड़का ढकाईच गांव स्थित श्रीराम जानकी मठ ठाकुरबाड़ी में चल रहे श्रीराम दरबार, हनुमत एवं श्री राधेकृष्ण प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ का पांचवां दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के नाम रहा। बुधवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

बड़का ढकाईच में आस्था का अद्भुत नजारा, प्राण प्रतिष्ठा के साथ गूंजे जयकारे

__ संत सम्मेलन, यज्ञ आरती और शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, आज पूर्णाहुति व भंडारे के साथ होगा समापन

केटी न्यूज/डुमरांव

बड़का ढकाईच गांव स्थित श्रीराम जानकी मठ ठाकुरबाड़ी में चल रहे श्रीराम दरबार, हनुमत एवं श्री राधेकृष्ण प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ का पांचवां दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के नाम रहा। बुधवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार, संतों के प्रवचन, विशेष यज्ञ आरती और भव्य नगर भ्रमण ने पूरे गांव को आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया।महायज्ञ के दौरान नौ देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। विद्वान आचार्यों के निर्देशन में हुए अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाकर अपनी आस्था प्रकट की।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भगवान के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद आयोजित संत सम्मेलन में विभिन्न स्थानों से पहुंचे संत-महात्माओं ने धर्म, संस्कृति और मानव सेवा पर अपने विचार रखे। संतों ने श्रद्धालुओं को सत्य, सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संतों के प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालु देर तक मौजूद रहे।महायज्ञ में आयोजित विशेष यज्ञ आरती आकर्षण का केंद्र रही। गंगा आरती की तर्ज पर हुई इस आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया। दीपों की रोशनी, घंट-घड़ियाल की ध्वनि और भक्ति संगीत के बीच माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया।

इसके बाद भगवान श्रीराम दरबार, हनुमान जी और श्री राधेकृष्ण की प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक ढंग से सजाए गए वाहनों पर विराजमान प्रतिमाओं का पूरे गांव में भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। महिलाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्ति गीतों और कीर्तन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।यह आयोजन गोविंदाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। वृंदावन धाम से पहुंचे संतों द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है, जिसे सुनने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, गुरुवार को महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे आयोजन में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। युवा और बुजुर्ग मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।सेवा कार्य में कन्हैया दुबे, रामेश्वर दुबे, सुधीर दुबे, रोहित दुबे, लक्ष्मण दुबे, कमलेश तिवारी, प्रिंस पीयूष और आलोक दुबे सहित कई ग्रामीण लगातार सहयोग कर रहे हैं। बड़का ढकाईच का यह महायज्ञ धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी प्रतीक बन गया है।