या अली... या हुसैन..., की सदाओं से गूंजा बक्सर...

हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम का पर्व बक्सर जिले में शुक्रवार को पूरी श्रद्धा, अकीदत और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। त्याग, बलिदान, सत्य और इंसानियत के संदेश से जुड़े इस पर्व को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुहर्रम के मौके पर निकाले गए ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही, जिसने जिले की सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की मजबूत तस्वीर पेश की।

या अली... या हुसैन..., की सदाओं से गूंजा बक्सर...

-- अकीदत, आस्था और भाईचारे के रंग में डूबा बक्सर, शांतिपूर्ण माहौल में निकला मुहर्रम का जुलूस

-- ताजियों की खूबसूरती और अखाड़ों के करतबों ने मोहा मन, विभिन्न समुदायों की भागीदारी ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

केटी न्यूज/बक्सर

हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मुहर्रम का पर्व बक्सर जिले में शुक्रवार को पूरी श्रद्धा, अकीदत और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। त्याग, बलिदान, सत्य और इंसानियत के संदेश से जुड़े इस पर्व को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुहर्रम के मौके पर निकाले गए ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही, जिसने जिले की सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की मजबूत तस्वीर पेश की।सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम को लेकर चहल-पहल बनी रही। प्रमुख अखाड़ा कमेटियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक ताजियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े। रंग-बिरंगी रोशनी, कलात्मक सजावट और भव्य स्वरूप में तैयार ताजियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

-- शहर के प्रमुख अखाड़ों से निकला भव्य ताजिया जुलूस

बक्सर शहर के सराय फाटक, दर्जी मोहल्ला, कोइरपुरवा, सोहनीपट्टी, मच्छरहट्टा पुल, गजाधरगंज, मुसाफिरगंज, नालबंद टोली सहित कई मोहल्लों से अखाड़ा कमेटियों की ओर से ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक लाठी-डंडे, आग के चक्र और अन्य साहसिक करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित किया।जुलूस के दौरान या अली... या हुसैन..., की सदाओं से पूरा वातावरण गूंज उठा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं। लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाकर आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।

-- कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

मुहर्रम के अवसर पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मान्यता है कि कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन ने अन्याय और असत्य के सामने झुकने के बजाय सत्य और धर्म के मार्ग को चुना।इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए जुलूस के दौरान कर्बला के मैदान की घटना से जुड़े प्रतीकात्मक दृश्य भी प्रस्तुत किए गए। इसमें त्याग, धैर्य और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दिखाई गई।

-- ठठेरी बाजार में जुटे सभी अखाड़े, बक्सर होटल के पास हुआ समापन

शहर की सभी अखाड़ा कमेटियां ठठेरी बाजार में एकत्रित हुईं। इसके बाद सभी ताजिया जुलूस सामूहिक रूप से आगे बढ़े और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बक्सर होटल के समीप पहुंचे, जहां जुलूस का समापन हुआ।पूरे रास्ते श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद रही। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस का आनंद लिया और धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई।

-- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद

मुहर्रम जुलूस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे।संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई, जिसके कारण पूरा आयोजन बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से जिले में आपसी सौहार्द का माहौल कायम रहा।

-- भाईचारे और इंसानियत का संदेश दे गया मुहर्रम

मुहर्रम का आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के मूल्यों की याद दिलाने वाला पर्व भी है। बक्सर में निकले जुलूस के दौरान विभिन्न समुदायों के लोगों की भागीदारी ने एक बार फिर साबित किया कि जिले की पहचान सामाजिक सद्भाव और गंगा-जमुनी संस्कृति से जुड़ी हुई है।शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ मुहर्रम पर्व लोगों के बीच प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश छोड़ गया।