बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की आस में निकला कुश, गंगा ने छीन ली जिंदगी
सावन की सोमवारी पर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने और आस्था की डुबकी लगाने वाराणसी पहुंचा सरेंजा गांव का 24 वर्षीय कुश कुमार अब कभी घर नहीं लौटेगा। जिस गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वह दोस्तों के साथ पहुंचा था, उसी की लहरों ने उसकी जिंदगी लील ली।

__ सावन की सोमवारी पर वाराणसी पहुंचा था सरेंजा का 24 वर्षीय युवक, गंगा महल घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में समाया; एनडीआरएफ ने घंटों बाद बरामद किया शव
केटी न्यूज/बक्सर।
सावन की सोमवारी पर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने और आस्था की डुबकी लगाने वाराणसी पहुंचा सरेंजा गांव का 24 वर्षीय कुश कुमार अब कभी घर नहीं लौटेगा। जिस गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वह दोस्तों के साथ पहुंचा था, उसी की लहरों ने उसकी जिंदगी लील ली। हादसे की खबर मिलते ही सरेंजा गांव में मातम पसर गया। परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक की पहचान सरेंजा गांव निवासी प्रदीप कुमार के पुत्र कुश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि कुश सावन की सोमवारी के अवसर पर दोस्तों के साथ वाराणसी गया था। सोमवार की सुबह करीब सात बजे वह गंगा महल घाट के समीप नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते कुश पानी में समा गया।

काफी देर तक कुश के वापस नहीं आने पर दोस्तों ने आसपास खोजबीन शुरू की। सफलता नहीं मिलने पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और गंगा में तलाश शुरू की। घंटों की मशक्कत के बाद टीम ने कुश का शव बरामद किया।हादसे की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक के दादा बद्री कसेरा समेत परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। कुश की असमय मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। सावन की सोमवारी पर शुरू हुई उसकी धार्मिक यात्रा परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। घटना के बाद पूरे सरेंजा गांव में शोक की लहर है।

