लाखों की योजना पर भरोसे का संकट, चौसा के वाटर एटीएम पर उठे सवाल
भीषण गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चौसा नगर परिषद द्वारा लगाए गए वाटर एटीएम अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। लाखों रुपये की लागत से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित इन मशीनों से लोगों को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन अब आम नागरिक इन दावों पर ही सवाल उठाने लगे हैं।


__ ठंडा पानी मिल रहा, लेकिन शुद्धता पर संदेह; रखरखाव और मॉनिटरिंग की कमी से नाराज दिखे लोग
केटी न्यूज/चौसा
भीषण गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चौसा नगर परिषद द्वारा लगाए गए वाटर एटीएम अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। लाखों रुपये की लागत से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित इन मशीनों से लोगों को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन अब आम नागरिक इन दावों पर ही सवाल उठाने लगे हैं।नगर परिषद क्षेत्र के यादव मोड़, बारे मोड़, दुर्गा मंदिर समेत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर कुल नौ वाटर एटीएम लगाए गए हैं। इनका मकसद राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और बाजार आने वाले लोगों को तपती गर्मी में मुफ्त शीतल पेयजल उपलब्ध कराना था। शुरुआती दिनों में लोगों ने इस पहल की सराहना भी की, लेकिन अब मशीनों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर शिकायतें सामने आने लगी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश वाटर एटीएम से पानी तो निकल रहा है, लेकिन उसकी गुणवत्ता संदिग्ध लग रही है। कई लोगों ने दावा किया कि पानी में फिल्टर होने जैसा स्वाद या शुद्धता महसूस नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि मशीनों में लगे फिल्टर समय पर बदले नहीं जा रहे, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।यादव मोड़ पर पानी पीने के लिए रुके बारा गांव के एक राहगीर ने बताया कि गर्मी में ठंडा पानी मिलना राहत जरूर है, लेकिन पानी का स्वाद सामान्य नल के पानी जैसा महसूस हो रहा है। उनका कहना था कि यदि फिल्टर सही ढंग से काम नहीं कर रहे तो लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ मशीन लगाकर योजना का उद्घाटन कर देना काफी नहीं है।

नियमित सफाई, तकनीकी जांच और फिल्टर बदलने की व्यवस्था नहीं होने से पूरी योजना की उपयोगिता प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर मशीनों के आसपास गंदगी और रखरखाव की कमी भी देखने को मिल रही है।लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद प्रशासन सभी वाटर एटीएम की गुणवत्ता जांच कराए और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करे। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल लोगों की जरूरत है और इस तरह की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब लोगों का भरोसा भी उन पर कायम रहे।

