डुमरांव में भाईचारे की मिसाल बनी ईद, सौहार्द्र के बीच अदा हुई नमाज
रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद डुमरांव में ईद-उल-फितर का त्योहार इस वर्ष आपसी भाईचारे, सौहार्द्र और उल्लास के साथ शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर ओर खुशियों की रौनक देखने को मिली। नमाज के बाद गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई देने का सिलसिला दिनभर चलता रहा, जिसने सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
केटी न्यूज/डुमरांव
रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद डुमरांव में ईद-उल-फितर का त्योहार इस वर्ष आपसी भाईचारे, सौहार्द्र और उल्लास के साथ शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हर ओर खुशियों की रौनक देखने को मिली। नमाज के बाद गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई देने का सिलसिला दिनभर चलता रहा, जिसने सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर पेश की।ईद की मुख्य नमाज स्टेशन रोड स्थित ईदगाह में अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में नमाजियों ने एक साथ सजदे में सिर झुकाकर अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी।

इससे पहले शहर की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में भी निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई। नमाज समाप्त होते ही लोग एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए और “ईद मुबारक” की गूंज से पूरा माहौल गूंज उठा।त्योहार के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह मुश्तैद नजर आया। ईदगाह और मस्जिदों के आसपास मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि हर चप्पे-चप्पे पर प्रशासन की पैनी नजर बनी रही। अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार और एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त करती रही और विधि-व्यवस्था का जायजा लेती रही।इस दौरान बीडीओ संदीप कुमार पांडेय एवं थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा भी सक्रिय रूप से विभिन्न मस्जिदों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते देखे गए।

अधिकारियों की सक्रियता और तत्परता के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की।डुमरांव के अलावा नया भोजपुर और पुराना भोजपुर क्षेत्रों में भी ईद पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नया भोजपुर में थानाध्यक्ष चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा। वहीं, अतिरिक्त सतर्कता के तौर पर पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी।कुल मिलाकर, इस बार की ईद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी समझ, सहयोग और प्रशासन की सजगता से हर त्योहार को शांतिपूर्ण और यादगार बनाया जा सकता है।

