हर घर नल का जल योजना की होगी सघन जांच, खराब चापाकलों की मरम्मत के निर्देश

सरकार की महत्वाकांक्षी "हर घर नल का जल" योजना के तहत बक्सर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत विभिन्न पंचायतों में प्रतिनियुक्त जांच पदाधिकारी घर-घर पहुंचकर जलापूर्ति योजनाओं की सक्रियता, कार्यशीलता तथा चापाकलों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।

हर घर नल का जल योजना की होगी सघन जांच, खराब चापाकलों की मरम्मत के निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

सरकार की महत्वाकांक्षी "हर घर नल का जल" योजना के तहत बक्सर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत विभिन्न पंचायतों में प्रतिनियुक्त जांच पदाधिकारी घर-घर पहुंचकर जलापूर्ति योजनाओं की सक्रियता, कार्यशीलता तथा चापाकलों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित होने या योजनाओं के निष्क्रिय होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा समय पर और प्रभावी जांच सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे जांच कार्य की नियमित निगरानी करें और निर्धारित समयावधि में प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।वहीं, सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को इस विशेष अभियान के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक हो तथा किसी भी पंचायत की स्थिति रिपोर्ट से छूट न पाए।जांच के दौरान जलमीनार आधारित योजनाओं, पाइपलाइन नेटवर्क, घरों तक पहुंच रहे पानी की उपलब्धता तथा सार्वजनिक चापाकलों की कार्यशीलता का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।

जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित पाई जाएगी या चापाकल खराब अवस्था में मिलेंगे, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।विभागीय निर्देशों के आलोक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही खराब चापाकलों की मरम्मत तथा पेयजल योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीण जनता को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया जाएगा।