डुमरांव के मंडियों में धनतेरस पर होगा करोड़ो का कारोबार, पुलिस करेगी निगरानी

डुमरांव के मंडियों में धनतेरस पर होगा करोड़ो का कारोबार, पुलिस करेगी निगरानी
गोला रोड में बर्तन की सजी दुकानें

- पुलिस प्रशासन ने भीड़ वाले इलाके को किया चिन्हित

केटीन्यूज/डुमरांव 

धनतेरस और दीपावली पर्वों को लेकर शहर के मंडियों की रौनक बढ़ गया है। व्यवसायी त्योहार को लेकर तरह-तरह के आइटमों से अपनी दुकानों को सजाया है। 10 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदार अपने सामानों की खरीदारी करेंगे। धनतेरस पर्व पर इस बार 30 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले वर्ष करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ था। इस बार अभी से ही थोक मंडियों में खरीदारों की भीड़ लगी है। मंडियों में देर रात तक चहल-पहल रहने और व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर अनुमंडल पुलिस-प्रशासन भी अपनी रणनीति बनायी है। सर्राफा बाजार, बर्तन बाजार और कपड़ा मंडियों के व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैनाती होगी। स्थानीय पुलिस की माने तो भीड़भाड़ वाले इलाके में सादे वर्दी में भी पुलिस शरारती तत्वों की निगरानी करेगी। साथ ही व्यवसायियों की सुरक्षा और खरीदारों की हिफाजत को लेकर पुलिस बल की तैनाती की जायेगी। पूरे शहर में पुलिस बल द्वारा गश्ती करने का भी निर्देश दिया गया है।

 देर रात तक खुलती है दुकानें

शहर के गोला रोड, स्टेशन रोड, सर्राफा बाजार सहित अन्य मंडियों की दुकानें धनतेरस पर्व पर देर रात तक खुली रहती है। इन मंडियों में हर आइटमों के खरीदार देर रात तक खरीदारी करते है। बताया जाता है कि धनतेरस पर चांदी और सोने के आभूषण, हर तरह के बर्तन, रेडीमेड कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों, मोबाइल फोन, टीवी, फ्रिज और बाइकों की अधिक बिक्री होती है।

 भीड़भाड़ वाले जगहों पर पटाखा छोड़ने पर पाबंदी

अनुमंडल प्रशासन ने धनतेरस और दीपावली के दिन भीड़भाड़ वाले इलाके में पटाखा छोड़ने पर पाबंदी लगायी है। बताया जाता है कि धनतेरस के दिन दवा दुकानों सहित अन्य दुकानों पर दुकानदार लक्ष्मी-गणेश की पूजन करते है। इस उत्सव पर पटाखे छोड़े जाते है। अनुमंडल प्रशासन ने बीच सड़क सहित भीड़भाड़ वाले एरिया में पटाखा नही छोड़ने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे जगहों पर पटाखा छोड़ने से हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए पुलिस-प्रशासन चिन्हित जगहों पर विशेष निगरानी रखे जाने की व्यवस्था की है।