ट्रांसफार्मर बना तकिया मुहल्ले की मुसीबत, दो दिन से अंधेरे में सैकड़ों परिवार; बिजली दफ्तर पर फूटा आक्रोश
पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ले में लगातार चरमराई बिजली व्यवस्था के खिलाफ मंगलवार को लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह ठप बिजली आपूर्ति और बार-बार ट्रांसफार्मर ट्रिप होने से परेशान ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भरत चौधरी और गोपी चौधरी के नेतृत्व में बिजली कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

केटी न्यूज/डुमरांव
पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ले में लगातार चरमराई बिजली व्यवस्था के खिलाफ मंगलवार को लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। पिछले दो दिनों से पूरी तरह ठप बिजली आपूर्ति और बार-बार ट्रांसफार्मर ट्रिप होने से परेशान ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भरत चौधरी और गोपी चौधरी के नेतृत्व में बिजली कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुहल्ले में लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर बढ़ते विद्युत भार को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। नतीजतन आए दिन ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या बनी रहती है।

लोगों का कहना है कि शिकायत करने पर भी विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठाते, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में लगाया गया 100 केवीए ट्रांसफार्मर एक माह के भीतर ही खराब हो गया। इससे पहले भी 200 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग उठी थी, लेकिन विभागीय मानकों और आवश्यक उपभोक्ता संख्या पूरी नहीं होने का हवाला देकर मांग खारिज कर दी गई थी। इसके बाद फिर 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया, जो अब दोबारा जवाब दे गया है।बिजली आपूर्ति ठप रहने से भीषण गर्मी और उमस के बीच पेयजल संकट भी गहरा गया है। घरों में पानी की मोटरें बंद होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय क्षेत्र की जरूरत के अनुरूप 200 केवीए ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि बार-बार की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।इधर, कनीय विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी मिली है। नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है और बुधवार तक उसे स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि स्थानीय लोग इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं।

