वीर जवान असलम को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, बोले बक्सर सांसद– देश हमेशा रहेगा ऋणी

प्रखंड के केसठ गांव स्थित पश्चिम डेरा में शनिवार को सीआरपीएफ के वीर जवान स्वर्गीय असलम की चालीसवीं के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधाकर सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा एवं राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने की।

वीर जवान असलम को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, बोले बक्सर सांसद– देश हमेशा रहेगा ऋणी

--सीआरपीएफ जवान शहीद असलम की चालीसवीं पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के केसठ गांव स्थित पश्चिम डेरा में शनिवार को सीआरपीएफ के वीर जवान स्वर्गीय असलम की चालीसवीं के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधाकर सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा एवं राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने की।इस अवसर पर अतिथियों एवं उपस्थित लोगों ने शहीद असलम के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सभा को संबोधित करते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि शहीदों का बलिदान कभी बेकार नहीं जाता। उनका त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों को राष्ट्र सदैव याद रखेगा।वक्ताओं ने बताया कि स्वर्गीय असलम का कुछ दिनों पूर्व बीमारी के कारण इलाज के दौरान निधन हो गया था। सीआरपीएफ में सेवा के दौरान उन्होंने कई आतंकवाद-रोधी एवं नक्सल-विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ड्यूटी के दौरान वे कई बार घायल भी हुए थे, लेकिन उन्होंने हमेशा साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।

श्रद्धांजलि सभा में शहीद के पुत्र ने कहा कि उन्हें अपने पिता की देशसेवा और शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपना पूरा जीवन देश की सुरक्षा और सेवा को समर्पित कर दिया तथा उनका साहस, त्याग और देशभक्ति सदैव लोगों को प्रेरित करती रहेगी।मौके पर पूर्व मुखिया धनंजय सिंह, कुंवर भीम सिंह, फिरोज आलम, सुहैल आलम, निहाल आलम, दिलशाद आलम, मेराज आलम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।