उमा विद्यालयम की अनोखी पहल: प्रतिभा खोज परीक्षा के माध्यम से मेधावी छात्रों को दी जाएगी निःशुल्क शिक्षा

डुमरांव के शैक्षणिक परिदृश्य में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। श्री रामकृष्ण परमहंस एवं श्रीराम प्रताप फाउंडेशन के संरक्षण में संचालित उमा विद्यालयम ने शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विद्यालय द्वारा सत्र 2026-27 के लिए “द बिगेस्ट टैलेंट सर्च टेस्ट” की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से कुल 451 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

उमा विद्यालयम की अनोखी पहल: प्रतिभा खोज परीक्षा के माध्यम से मेधावी छात्रों को दी जाएगी निःशुल्क शिक्षा

-- 451 बच्चों को मिलेगा सुनहरा अवसर, सफल छात्रों को 10 वीं तक दी जाएगी छात्रवृति का लाभ

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव के शैक्षणिक परिदृश्य में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। श्री रामकृष्ण परमहंस एवं श्रीराम प्रताप फाउंडेशन के संरक्षण में संचालित उमा विद्यालयम ने शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विद्यालय द्वारा सत्र 2026-27 के लिए “द बिगेस्ट टैलेंट सर्च टेस्ट” की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से कुल 451 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

-- बेटियों को प्राथमिकता, समान अवसर की पहल

इस महत्वाकांक्षी योजना का केंद्र बिंदु समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। विशेष रूप से बेटियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 230 छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया जाएगा, जबकि 221 छात्र भी इस योजना में शामिल होंगे। यह पहल ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना को जमीन पर उतारने का प्रयास मानी जा रही है।

-- केवल छात्रवृत्ति नहीं, संस्कारों की भी शिक्षा

विद्यालय के सचिव राज सिंह ने बताया कि यह योजना मात्र आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों और अनुशासन से युक्त शिक्षा प्रदान करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य ऐसे छात्रों को तैयार करना है जो भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।

-- स्थानीय स्तर पर मिलेगा महानगरों जैसा शिक्षण वातावरण 

विद्यालय के निदेशक ऋषभ राज ने कहा कि उमा विद्यालयम में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाएं देश के बड़े शहरों के नामी विद्यालयों के समान हैं। आधुनिक शिक्षण पद्धति, स्मार्ट क्लास, अनुशासित वातावरण और अनुभवी शिक्षक विद्यालय की पहचान हैं। इसके बावजूद शुल्क को संवेदनशील रखा गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी आगे बढ़ सकें।

-- दिल्ली से हैदराबाद तक के शिक्षक करेंगे मार्गदर्शन

प्राचार्य मधुमिता मालाकार ने जानकारी दी कि विद्यालय में शिक्षकों का चयन दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शैक्षणिक केंद्रों से किया गया है। योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के छात्र आवेदन कर सकते हैं। चयनित शीर्ष विद्यार्थियों को कक्षा 10 तक निःशुल्क शिक्षा एवं विभिन्न प्रकार की फीस में छूट दी जाएगी।

-- 22 फरवरी को होगी परीक्षा, निःशुल्क मिलेगा आवेदन फॉर्म

प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी, 2026 को किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी विद्यालय परिसर से निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल न सिर्फ उमा विद्यालयम, बल्कि पूरे डुमरांव क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखी जा रही है।