3 नवंबर से बिहार में थमेगी शहरों की सफाई, डुमरांव में सफाईकर्मियों ने नगर परिषद को घेरा

सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं किए जाने से नाराज नगर निकायों के सफाईकर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। तीन नवंबर से पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी के साथ शुक्रवार को डुमरांव नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर कर्मचारियों ने अपने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया।

3 नवंबर से बिहार में थमेगी शहरों की सफाई, डुमरांव में सफाईकर्मियों ने नगर परिषद को घेरा

__ समझौते के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने से भड़का आक्रोश, दो नवंबर तक अल्टीमेटम; ईपीएफ-ईएसआई के नाम पर गड़बड़ी का भी लगाया आरोप

केटी न्यूज/डुमरांव। 

सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं किए जाने से नाराज नगर निकायों के सफाईकर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। तीन नवंबर से पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी के साथ शुक्रवार को डुमरांव नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर कर्मचारियों ने अपने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि दो नवंबर तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो तीन नवंबर से राज्यभर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। ऐसे में शहरों की साफ-सफाई व्यवस्था पर गंभीर संकट गहराने की आशंका है।

बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मांगों पर जमीन पर कार्रवाई करनी होगी।

__ समझौता हुआ, लेकिन मांगें अब भी अधूरी

महासंघ के नेताओं ने बताया कि जुलाई-अगस्त में राज्यभर के सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आठ दिनों तक हड़ताल की थी। उस समय सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कई मांगों पर सहमति बनी थी। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि समझौते के बाद उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद मांगें लागू नहीं की गईं। इसी वादाखिलाफी के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। शुक्रवार को इसी क्रम में विभिन्न नगर निकायों के कार्यालयों का घेराव किया गया।

__ ईपीएफ-ईएसआई में गड़बड़ी का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने ईपीएफ और ईएसआई कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। डुमरांव नगर परिषद में भी अधिकारियों पर सफाईकर्मियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। महासंघ के नगर सचिव शिव शंकर तिवारी ने कहा कि सफाईकर्मी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। दो नवंबर तक सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो तीन नवंबर से मांगें पूरी होने तक सफाई कार्य बंद रहेगा।

__ दिवंगत सफाईकर्मी को दी गई श्रद्धांजलि

घेराव से पहले हाल ही में दिवंगत हुए सफाईकर्मी स्व. कुटकुट डोम को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित कर्मियों और नेताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मौके पर महासंघ के कोषाध्यक्ष श्रीभगवान पासवान, युवा माले नेता सर्वेश कुमार पांडेय, बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के नेता ओमप्रकाश यादव, दीपक बास्फोर, मिथिलेश राम, किस्मत यादव, पिंटू बास्फोर, मुन्नी देवी समेत सैकड़ों सफाईकर्मी मौजूद रहे।