अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने जनता दरबार की व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रखंड स्तर पर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित होने वाला जनता दरबार शनिवार को चौसा अंचल कार्यालय परिसर में नहीं लग सका। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण दरबार स्थगित रहा, जिससे दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों को निराशा हाथ लगी और उन्हें बिना काम बने ही लौटना पड़ा।

अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने जनता दरबार की व्यवस्था पर उठाए सवाल

केटी न्यूज/चौसा

प्रखंड स्तर पर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित होने वाला जनता दरबार शनिवार को चौसा अंचल कार्यालय परिसर में नहीं लग सका। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण दरबार स्थगित रहा, जिससे दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों को निराशा हाथ लगी और उन्हें बिना काम बने ही लौटना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौसा अंचलाधिकारी (सीओ) एवं राजस्व अधिकारी (आरओ) जिला मुख्यालय में आयोजित एक आवश्यक बैठक में शामिल होने के कारण कार्यालय में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते पूर्व निर्धारित जनता दरबार का आयोजन नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह जनता दरबार में प्राप्त तीन आवेदनों पर इसी शनिवार को सुनवाई प्रस्तावित थी। इसी उम्मीद में चौसा, चुन्नी, बनारपुर, अखौरीपुर गोला समेत आसपास के कई गांवों से नए और पुराने फरियादी अंचल कार्यालय पहुंचे थे।

काफी देर तक इंतजार के बाद जब कोई अधिकारी नहीं आया, तब लोगों को जनता दरबार के स्थगित होने की सूचना मिली। फरियादियों का कहना है कि वे अपनी रोजमर्रा की मजदूरी और अन्य जरूरी काम छोड़कर न्याय की आस में पहुंचे थे, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के दरबार का न लगना उनके लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बना।

स्थानीय लोगों का मानना है कि जनता दरबार जैसी जनहितकारी व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है, जब इसके आयोजन में नियमितता और पारदर्शिता बरती जाए। फरियादियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में यदि जनता दरबार स्थगित हो, तो इसकी पूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से जारी की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। साथ ही जनता दरबार की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की भी मांग उठाई गई है।