अदफा में 520 बेड वाले ओबीसी कन्या आवासीय विद्यालय का उद्घाटन, बेटियों की शिक्षा को मिला नया आधार

डुमरांव प्रखंड के अदफा गांव में रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की छात्राओं के लिए 520 बेड क्षमता वाले कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। इस विद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र की सैकड़ों बेटियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित आवासीय सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेगी।

अदफा में 520 बेड वाले ओबीसी कन्या आवासीय विद्यालय का उद्घाटन, बेटियों की शिक्षा को मिला नया आधार

__ कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, आवास व सुरक्षा की सुविधा, मंत्री रमा निषाद बोलीं—समान अवसर से ही सशक्त होगा समाज

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव प्रखंड के अदफा गांव में रविवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की छात्राओं के लिए 520 बेड क्षमता वाले कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। इस विद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र की सैकड़ों बेटियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित आवासीय सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेगी।उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद शामिल हुईं। उनके साथ प्रभारी जिलाधिकारी सह डीडीसी निहारिका छवि, एडीएम अरुण कुमार, डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रमा निषाद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना है, खासकर उन बेटियों को जो संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आवासीय विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। सुरक्षित माहौल और बेहतर सुविधाएं उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए वरदान साबित होंगे, क्योंकि अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

इससे न केवल अभिभावकों की चिंता कम होगी, बल्कि बालिकाओं की निरंतर शिक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।प्रभारी डीएम सह डीडीसी निहारिका छवि ने अपने संबोधन में कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि यहां कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ आवास, भोजन, पुस्तकें और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी और शिक्षा विभाग की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करना सराहनीय है।विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने यहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

आधुनिक भवन, विशाल कक्षाएं, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब छात्राओं के बेहतर शैक्षणिक माहौल को सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा खेलकूद के लिए आवश्यक उपकरण और मैदान भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्राओं का शारीरिक विकास भी हो सके।सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही प्रशिक्षित वार्डन, मेडिकल सुविधा और 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में रहकर अपनी पढ़ाई कर सकें।एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि इस योजना के माध्यम से पिछड़े वर्ग की हजारों बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इससे समाज में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने विद्यालय के उद्घाटन पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।समारोह के अंत में अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस नए शैक्षणिक संस्थान से क्षेत्र में बालिका शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।