सिमरी प्रखंड की पहली बैठक में पूर्व सैनिकों का जोश, संगठन मजबूती पर जोर
आईईएसएम सिमरी प्रखंड की पहली मासिक बैठक रविवार को प्रखंड अध्यक्ष नायक शशि भूषण ओझा की अध्यक्षता में बड़का सिंघनपुरा स्थित त्यागी रायल पैलेस मैरेज हॉल में आयोजित की गई। बैठक का संचालन निदेशक सार्जेंट बिनोद तिवारी ने किया। कड़ाके की धूप और फसल कटाई के बावजूद विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने संगठन के प्रति उनके समर्पण और उत्साह को दर्शाया।
__ गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय, पेंशन व ईसीएचएस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा
केटी न्यूज/सिमरी
आईईएसएम सिमरी प्रखंड की पहली मासिक बैठक रविवार को प्रखंड अध्यक्ष नायक शशि भूषण ओझा की अध्यक्षता में बड़का सिंघनपुरा स्थित त्यागी रायल पैलेस मैरेज हॉल में आयोजित की गई। बैठक का संचालन निदेशक सार्जेंट बिनोद तिवारी ने किया। कड़ाके की धूप और फसल कटाई के बावजूद विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने संगठन के प्रति उनके समर्पण और उत्साह को दर्शाया।बैठक में संगठन की मजबूती पर विशेष चर्चा हुई। सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने विचार रखते हुए गांव-गांव सैनिक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।

अध्यक्ष नायक शशि भूषण ओझा ने सैनिकों से अपने सभी दस्तावेजों की जांच करने और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की।उपाध्यक्ष हवलदार ब्रिज नाथ सिंह यादव ने जानकारी दी कि 80 वर्ष से अधिक आयु के सैनिकों और वीरांगनाओं को प्रतिवर्ष 24 हजार रुपये की वृद्धावस्था योगदान राशि दी जाएगी, जिसके लिए आवश्यक कागजात जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करना होगा। वहीं सचिव सूबेदार रामेश्वर प्रधान ने ईसीएचएस कार्ड बनवाने पर जोर देते हुए कहा कि आपात स्थिति में यह बेहद उपयोगी साबित होता है।निदेशक सार्जेंट बिनोद तिवारी ने पेंशन से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

बैठक में पीसीडीए के अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सैनिकों ने जोरदार जयघोष किया। साथ ही जानकारी दी गई कि अप्रैल माह में रक्षा राज्य मंत्री का बक्सर आगमन संभावित है।बैठक के दौरान संगठन के विकास के लिए लगभग 3000 रुपये का दान एकत्र किया गया, जिसकी रसीद सैनिकों को प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘सैनिक एकता जिंदाबाद’ जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। अंत में राष्ट्रगान के बाद नायब सूबेदार त्रिवेणी दुबे ने बैठक समाप्ति की घोषणा की। इस अवसर पर सैकड़ों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

