प्रतिभा का परचम: आईआईटी धनबाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा में बक्सर की बेटी अर्पिता पाण्डेय अव्वल
बक्सर जिले ने एक बार फिर अपनी प्रतिभाशाली बेटी की उपलब्धि से गौरवान्वित होने का अवसर पाया है। डुमरांव प्रखंड के नुआंव गांव निवासी अशोक कुमार पाण्डेय की पुत्री अर्पिता पाण्डेय ने आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) धनबाद की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में मानविकी विभाग से पूरे संस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। पूरे विभाग से केवल दो ही अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें अर्पिता सबसे आगे रहीं।
-- माता-पिता, गुरुजनों और विधायक आनन्द मिश्र के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिले ने एक बार फिर अपनी प्रतिभाशाली बेटी की उपलब्धि से गौरवान्वित होने का अवसर पाया है। डुमरांव प्रखंड के नुआंव गांव निवासी अशोक कुमार पाण्डेय की पुत्री अर्पिता पाण्डेय ने आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) धनबाद की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में मानविकी विभाग से पूरे संस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। पूरे विभाग से केवल दो ही अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें अर्पिता सबसे आगे रहीं।

अर्पिता की शिक्षा यात्रा शुरू से ही उत्कृष्ट रही है। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातक में 78 प्रतिशत तथा परास्नातक में 80.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यही नहीं, परास्नातक के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (एनईटी) में 96 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी मेधा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।

अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए अर्पिता ने कहा कि मेरा परिणाम आया है और मैं बहुत खुश हूं। इस उपलब्धि के पीछे मेरे माता-पिता, गुरुजनों, साथियों, कमल सेवा केंद्र और सबसे अधिक बक्सर सदर विधानसभा के नव निर्वाचित विधायक व पूर्व आईपीएस आनन्द मिश्र का निरंतर मार्गदर्शन रहा है। उनसे पहली ही मुलाकात से मैं सीखती आ रही हूं। बक्सर को आदर्श बनाने की उनकी सोच, युवाओं के लिए उनका समर्पण और दूरदर्शी योजना ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। बक्सर विधानसभा के भविष्य के लिए उनके साथ कार्य करते हुए ही मैंने आत्मविश्वास और दिशा पाई, जिसने मुझे आईआईटी धनबाद तक पहुंचाया।

उन्होंने आगे कहा कि एक लड़की होकर भी उनके माता-पिता ने कभी भेदभाव नहीं किया, बल्कि उन्हें और उनकी बहनों को उच्च शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। परिवार की इस सकारात्मक सोच ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।अर्पिता की इस अद्वितीय उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे बक्सर जिले में खुशी की लहर है। उनकी सफलता जिले की उन हजारों बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने की हिम्मत रखती हैं।ईश्वर करे कि यह उपलब्धि उनके उज्ज्वल भविष्य की अनेक नई सफलताओं का मार्ग प्रशस्त करे। बक्सर की इस होनहार बेटी पर पूरे जिले को गर्व है।
