983 महिला सिपाहियों ने पूरी की कठिन ट्रेनिंग, अब संभालेंगी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी

डुमरांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (बि सैप) में शुक्रवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ 983 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया। गया, सारण और कैमूर जिला बल की इन महिला सिपाहियों ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुशासन, शारीरिक दक्षता और पेशेवर कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर पुलिस सेवा में अपनी औपचारिक शुरुआत की।

983 महिला सिपाहियों ने पूरी की कठिन ट्रेनिंग, अब संभालेंगी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी

__ डुमरांव पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पासिंग आउट परेड संपन्न, अनुशासन और शस्त्र कौशल का किया प्रभावशाली प्रदर्शन

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (बि सैप) में शुक्रवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ 983 प्रशिक्षु महिला सिपाहियों का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया। गया, सारण और कैमूर जिला बल की इन महिला सिपाहियों ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुशासन, शारीरिक दक्षता और पेशेवर कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर पुलिस सेवा में अपनी औपचारिक शुरुआत की। अब ये प्रशिक्षित महिला सिपाही संबंधित जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगी।परेड के मुख्य अतिथि एमपीटीसी के प्राचार्य शैशव यादव ने सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया।

उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला सिपाहियों की मेहनत, समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का दायित्व है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी से पुलिस व्यवस्था और अधिक संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनेगी।समारोह में बीएसएपी के कमांडेंट राकेश कुमार, डीएसपी सीमा यादव समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित करते हुए ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सेवा करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और उन्हें हर परिस्थिति में साहस एवं संयम के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।पासिंग आउट परेड के दौरान महिला सिपाहियों ने आकर्षक कदमताल, शस्त्र संचालन, ड्रिल और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया। परेड में उनकी एकरूपता, अनुशासन और आत्मविश्वास ने उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों को प्रभावित किया। पूरे समारोह के दौरान प्रशिक्षण केंद्र का वातावरण उत्साह और गौरव से भरा रहा।

कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला सिपाहियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सभी 983 प्रशिक्षु महिला सिपाहियां अब पूरी तरह प्रशिक्षित होकर पुलिस बल का हिस्सा बन गई हैं। उनकी तैनाती से संबंधित जिलों के पुलिस बल को नई ऊर्जा मिलेगी और महिला सुरक्षा सहित कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।