डीएम के निर्देश पर जिलेभर में आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच, पदाधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं

जिलाधिकारी साहिला के निर्देशानुसार मंगलवार को बक्सर जिले की सभी पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जिले के वरीय पदाधिकारियों को अलग-अलग प्रखंडों एवं पंचायतों में भेजकर केंद्रों की स्थिति, व्यवस्थाओं तथा संचालन व्यवस्था का निरीक्षण कराया गया।

डीएम के निर्देश पर जिलेभर में आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच, पदाधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं

केटी न्यूज/बक्सर

जिलाधिकारी साहिला के निर्देशानुसार मंगलवार को बक्सर जिले की सभी पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जिले के वरीय पदाधिकारियों को अलग-अलग प्रखंडों एवं पंचायतों में भेजकर केंद्रों की स्थिति, व्यवस्थाओं तथा संचालन व्यवस्था का निरीक्षण कराया गया।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, पोषण आहार वितरण, उपस्थिति पंजी, साफ-सफाई, आधारभूत सुविधाओं तथा नियमित संचालन की स्थिति का आकलन करना था। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं।

जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को कम से कम चार आंगनबाड़ी केंद्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। निर्देश के आलोक में अधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों में पहुंचकर केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया तथा सेविका-सहायिकाओं से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर केंद्रों की उपस्थिति, पोषण सामग्री वितरण, बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक संसाधन तथा भवन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जहां कहीं कमियां पाई गईं, वहां संबंधित कर्मियों को सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने नोडल पदाधिकारी, निरीक्षण एवं अनुपालन कोषांग बक्सर को निर्देशित किया है कि सभी जांच दलों से प्राप्त प्रतिवेदन को शीघ्र समेकित कर जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही इससे केंद्रों पर बच्चों एवं महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना है।