जीरो टिलेज गेहूं विषय पर किसान पाठशाला का हुआ आयोजन
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा बक्सर के तत्वाधान में शनिवार को केसठ प्रखंड अंतर्गत रामपुर गांव में जीरो टिलेज गेहूं विषय पर किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सहायक तकनीकी प्रबंधक नवानगर अंकुर राज एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक केसठ डॉ प्रफुल्ल कुमार ने प्रशिक्षण दिया।
केटी न्यूज/केसठ।
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा बक्सर के तत्वाधान में शनिवार को केसठ प्रखंड अंतर्गत रामपुर गांव में जीरो टिलेज गेहूं विषय पर किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सहायक तकनीकी प्रबंधक नवानगर अंकुर राज एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक केसठ डॉ प्रफुल्ल कुमार ने प्रशिक्षण दिया। पाठशाला में किसानो ने भाग लिया। जिसमें मुख्य रूप से किसानों को बताया गया कि जीरो टिलेज गेहूं की खेती एक आधुनिक और फायदेमंद विधि है। जिसमें पिछली फसल के अवशेष खेत में छोड़कर बिना जुताई के सीधे बीज बोए जाते हैं।

इससे समय तथा पैसा की बचत होती है। साथ ही नमी बनी रहती है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, और उत्पादन में वृद्धि होती है। जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद और लाभकारी है। तथा पर्यावरण को भी फायदा पहुंचती है। यह विधि जीरो टिलेज नामक मशीन से की जाती है। जो बुवाई और खाद डालने का काम एक साथ करती है। जिससे मजदूरों की बचत होती है। इस क्रम में किसानों के बीच जीरो टिलेज विधि क्या है जिस पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इस तकनीक में खेत की जुताई नहीं की जाती है, धान कटाई के बाद बचे ठूंठो को खेत में ही रहने दिया जाता है।

एक विशेष मशीन जीरो टिलेज का उपयोग करके सीधे मिट्टी में गेहूं के बीज और खाद बोए जाते हैं। जीरो टिलेज गेहूं की खेती के फायदे व लागत में कमी जैसे जुताई और निराई - गुड़ाई का खर्च बचता है, जिससे किसानों की आय बढ़ती है। वहीं बुवाई की प्रक्रिया पारंपरिक तरीकों से 10 से 20 दिन जल्दी पूरी हो जाती है। इस तरह से किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण, परिभ्रमण, फार्मर रजिस्ट्री तथा बिहार कृषि एप्लीकेशन के बारे में बताया गया। इस मौके पर किसान अमित पांडे, अत्रि मुनि पांडे, जग्गू पांडे, मनोज प्रसाद, देव मुनि यादव, धनिक लाल पासवान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

