पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त के लिए एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। योजना की अगली किस्त प्राप्त करने के लिए अब किसानों को एग्रीस्टैक के तहत रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। इसी को लेकर पूरे बिहार में प्रखंड स्तर पर पंचायतों में चार दिवसीय विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त के लिए एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

-- 6 से 9 जनवरी तक हर पंचायत में लगेगा चार दिवसीय ई-केवाईसी एवं रजिस्ट्रेशन कैम्प

केटी न्यूज, डुमरांव।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। योजना की अगली किस्त प्राप्त करने के लिए अब किसानों को एग्रीस्टैक के तहत रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। इसी को लेकर पूरे बिहार में प्रखंड स्तर पर पंचायतों में चार दिवसीय विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक प्रखंड के प्रत्येक पंचायत में कैम्प लगाकर किसानों का एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन एवं ई-केवाईसी का कार्य किया जाएगा।

इन कैम्पों में रजिस्ट्रेशन से वंचित किसानों का केवाईसी भी ऑन-द-स्पॉट कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक तैयारी की है। सभी कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक, एटीएम (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजर) और बीटीएम (ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर) को इस कार्य में लगाया गया है। अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया है कि वे पंचायतों में घूम-घूमकर किसानों को कैम्प की जानकारी दें और अधिक से अधिक किसानों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करें।

अनुमंडल कृषि पदाधिकारी वेद प्रकाश एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्रुति प्रिया ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त किसानों को दी जा चुकी है, लेकिन अगली किस्त प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि डुमरांव प्रखंड में लगभग 12 हजार 500 किसान पहले से रजिस्टर्ड हैं, लेकिन सभी किसानों को नए सिस्टम के तहत दोबारा रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराना जरूरी है।

किसानों को यह भी जानकारी दी जा रही है कि ई-केवाईसी के बाद संबंधित हल्का कर्मचारी एवं राजस्व कर्मी से संपर्क कर एफआर (फार्मर रजिस्ट्री) सत्यापन कराना भी आवश्यक है। बिना सत्यापन के योजना का लाभ मिलने में बाधा आ सकती है।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने पंचायत में लगने वाले कैम्प में पहुंचकर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी अवश्य कराएं। अधिक जानकारी के लिए किसान प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह पहल किसानों को समय पर लाभ दिलाने और सरकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।