अपहरण की अफवाह से गांव में हड़कंप, छह घंटे बाद पुआल में सुरक्षित मिला मासूम
मुरार थाना क्षेत्र के आमसारी गांव में बुधवार को डेढ़ वर्षीय बच्चे के कथित अपहरण की सूचना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। दोपहर बाद जैसे ही मासूम के घर से गायब होने की खबर फैली, गांव से लेकर थाना तक अफरा-तफरी मच गई। परिजनों की आशंका और ग्रामीणों की चर्चाओं ने मामले को अपहरण का रूप दे दिया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
केटी न्यूज/चौगाई
मुरार थाना क्षेत्र के आमसारी गांव में बुधवार को डेढ़ वर्षीय बच्चे के कथित अपहरण की सूचना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। दोपहर बाद जैसे ही मासूम के घर से गायब होने की खबर फैली, गांव से लेकर थाना तक अफरा-तफरी मच गई। परिजनों की आशंका और ग्रामीणों की चर्चाओं ने मामले को अपहरण का रूप दे दिया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नेहा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सघन छानबीन शुरू की। गांव के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, रिश्तेदारों से पूछताछ हुई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।

लगभग छह घंटे तक चले इस अभियान के दौरान तनाव बढ़ता गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।देर रात करीब 11 बजे मामले में बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस को सूचना मिली कि बच्चे को गांव के बाहर पुआल की ओर एक युवक के साथ देखा गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मासूम पुआल पर पड़ा हुआ है, जबकि पास में मंटू कुमार सिंह नामक युवक शराब के नशे में बेसुध सोया था। जांच में सामने आया कि युवक ने किसी आपराधिक मंशा से नहीं, बल्कि बच्चे को खेलाने के लिए अपने साथ ले गया था। नशे के कारण वह वहीं सो गया और बच्चा पुआल के पास छूट गया।

पुलिस की जांच के बाद अपहरण की आशंका पूरी तरह गलत साबित हुई। इस खुलासे के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि बच्चा काफी देर तक ठंड में पड़ा रहा, इसलिए एहतियातन उसका मेडिकल चेकअप कराया जा रहा है। फिलहाल बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों को सौंप दिया गया है।यह घटना गांव में शराबखोरी से होने वाली लापरवाही और अफवाहों के खतरनाक असर की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।

