मजदूरी की तलाश में धनबाद से सुघर डेरा आए पेंटर की मौत, काम शुरू होने से पहले ही बुझ गई उम्मीद

रोजी-रोटी की तलाश में झारखंड से बक्सर जिले के डुमरांव पहुंचे एक मजदूर की अचानक मौत ने प्रवासी श्रमिकों की असुरक्षित जिंदगी की एक बार फिर तस्वीर सामने रख दी है। कोरानसराय थाना क्षेत्र के सुघर डेरा गांव में बुधवार सुबह पेंट का काम शुरू करने से पहले ही एक पेंटर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद इलाज के प्रयास से पहले ही उसकी मौत हो गई।

मजदूरी की तलाश में धनबाद से सुघर डेरा आए पेंटर की मौत, काम शुरू होने से पहले ही बुझ गई उम्मीद

केटी न्यूज/डुमरांव

रोजी-रोटी की तलाश में झारखंड से बक्सर जिले के डुमरांव पहुंचे एक मजदूर की अचानक मौत ने प्रवासी श्रमिकों की असुरक्षित जिंदगी की एक बार फिर तस्वीर सामने रख दी है। कोरानसराय थाना क्षेत्र के सुघर डेरा गांव में बुधवार सुबह पेंट का काम शुरू करने से पहले ही एक पेंटर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद इलाज के प्रयास से पहले ही उसकी मौत हो गई।मृतक की पहचान झारखंड के भूली थाना क्षेत्र अंतर्गत पत्थरगोड़ा निवासी लगभग 60 वर्षीय सुधीर महतो के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सुधीर महतो पेशे से पेंटर थे और दैनिक मजदूरी पर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

गांव निवासी कमलेश सिंह के पारिवारिक संपर्क के जरिए उन्हें सुघर डेरा गांव पेंटिंग कार्य के लिए बुलाया गया था। मंगलवार को वह गांव पहुंचे थे और उसी घर में रुके थे, जहां उन्हें काम करना था।बुधवार सुबह जैसे ही काम शुरू कराने की तैयारी हुई, तभी सुधीर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन और ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले ही स्थिति गंभीर हो गई। उन्हें इलाज के लिए ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।सूचना पर कोरानसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला स्वास्थ्य से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।इधर, दूर प्रदेश से आए मजदूर की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और लोग प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।