डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास रामपुर में रसोइयों का बवाल, जीविका दीदियों ने किया धरना-प्रदर्शन

खंड क्षेत्र के रामपुर गांव स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छात्रावास में रसोई का कार्य कर रही जीविका दीदियों को अचानक कार्य से हटा दिया गया। इस कार्रवाई से आक्रोशित जीविका दीदियां छात्रावास के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं, जिससे काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास रामपुर में रसोइयों का बवाल, जीविका दीदियों ने किया धरना-प्रदर्शन

केटी न्यूज/केसठ

खंड क्षेत्र के रामपुर गांव स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रावास में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छात्रावास में रसोई का कार्य कर रही जीविका दीदियों को अचानक कार्य से हटा दिया गया। इस कार्रवाई से आक्रोशित जीविका दीदियां छात्रावास के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं, जिससे काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।मिली जानकारी के अनुसार छात्रावास में कार्यरत कुल 26 जीविका दीदियों में से 6 दीदियों को बिना पूर्व सूचना के कार्य से बाहर कर दिया गया। आरोप है कि जीविका सुपरवाइजर गोपाल कुमार, पिंटू कुमार एवं रजनीश कुमार द्वारा इन दीदियों पर चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाया गया।

इस कार्रवाई से नाराज सभी जीविका दीदियां एकजुट हो गईं और इसे मनमाना निर्णय बताते हुए छात्रावास गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरना की सूचना मिलते ही जीविका कैंटीन प्रबंधक राज मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रही दीदियों से वार्ता की। प्रबंधक द्वारा दीदियों को पुनः कार्य पर रखने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ और धरना समाप्त कराया गया। हालांकि, दीदियों का कहना था कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।बताया जाता है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी छात्रावास में रसोईयों पर चोरी व अन्य आरोप लगाकर उन्हें हटाया गया था, जिसकी शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी तक पहुंची थी।

उस समय बीडीओ द्वारा मामले की गहन जांच कराई गई थी। जांच के दौरान छात्रावास में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का भी अवलोकन किया गया था, जिसमें जीविका दीदियों पर लगाए गए अधिकांश आरोप तथ्यहीन और झूठे पाए गए थे।जानकारों की मानें तो छात्रावास में आए दिन होने वाले विवाद जीविका संगठन के भीतर सीएलएफ, बीपीएम और सुपरवाइजरों के बीच चल रहे आंतरिक मतभेद का परिणाम हैं। इन आपसी विवादों का खामियाजा सीधे तौर पर कार्यरत जीविका दीदियों को भुगतना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन सच्चाई को सामने आने से रोकने का प्रयास कर रहा है।

इसी कारण छात्रावास परिसर में मीडिया के प्रवेश पर कथित रूप से रोक लगाई गई है, ताकि अंदर चल रही अव्यवस्थाओं और विवादों की जानकारी सार्वजनिक न हो सके। फिलहाल आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन जीविका दीदियों का कहना है कि यदि भविष्य में इस तरह की मनमानी दोहराई गई तो वे पुनः आंदोलन करने को बाध्य होंगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर अब तक किसी औपचारिक जांच या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।