डा. रतनप्पा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले तथा संविधान सभा के सदस्य रहे डा. रतनप्पा जी की जयंती पर मंगलवार को डुमरांव में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति की नगर इकाई की ओर से महरौरा रोड मोड़ पर आयोजित समारोह में समाज के लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।

डा. रतनप्पा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

__ स्वतंत्रता संग्राम से संविधान निर्माण तक डा. रतनप्पा का योगदान यादगार

जयंती समारोह में वक्ताओं ने कहा—उनका संघर्ष और विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत

केटी न्यूज/डुमरांव।

स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले तथा संविधान सभा के सदस्य रहे डा. रतनप्पा जी की जयंती पर मंगलवार को डुमरांव में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति की नगर इकाई की ओर से महरौरा रोड मोड़ पर आयोजित समारोह में समाज के लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश और समाज के प्रति उनके योगदान को नमन किया।समारोह की मुख्य अतिथि एमएलसी शीला पंडित ने कहा कि डा. रतनप्पा का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने के साथ संविधान सभा के सदस्य के रूप में उन्होंने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

नगर कुम्हार प्रजापति समिति के अध्यक्ष सह पूर्व पार्षद धीरज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव उपेंद्र प्रसाद ने किया। वक्ताओं ने कहा कि डा. रतनप्पा का जीवन समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्षों को याद करना तभी सार्थक होगा, जब उनके आदर्शों को सामाजिक जीवन में अपनाया जाए।मौके पर जिलाध्यक्ष अमरनाथ प्रसाद, महिला कुम्हार जिलाध्यक्ष रेनू प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचीज प्रजापति, भाजपा अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नंदलाल पंडित, जदयू नेता अशोक कुमार प्रजापति समेत विवेक कुमार प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, अर्जुन कुमार प्रजापति, अनंत कुमार प्रजापति, विकास कुमार प्रजापति, मनोज कुमार प्रजापति, नंदजी प्रजापति, अवधेश कुमार प्रजापति, बुधन प्रजापति और हरिशंकर प्रजापति उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया।