महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ‘चिकित्सकीय जीवन के लिए प्रकाशीय संवेदक’ विषय पर एकल व्याख्यान आयोजित

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के मानस सभागार में शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार 08 जनवरी 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय “चिकित्सकीय जीवन के लिए प्रकाशीय संवेदक” रहा, जिसमें आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में प्रकाशीय संवेदक तकनीक की भूमिका, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ‘चिकित्सकीय जीवन के लिए प्रकाशीय संवेदक’ विषय पर एकल व्याख्यान आयोजित

केटी न्यूज/बक्सर

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के मानस सभागार में शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार 08 जनवरी 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय “चिकित्सकीय जीवन के लिए प्रकाशीय संवेदक” रहा, जिसमें आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में प्रकाशीय संवेदक तकनीक की भूमिका, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रूड़की के प्रोफेसर (डॉ.) सचिन कुमार श्रीवास्तव रहे।

उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि किस प्रकार प्रकाशीय संवेदक तकनीक आज चिकित्सा क्षेत्र में रोगों की पहचान, स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी, सटीक परीक्षण तथा प्रभावी उपचार में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में यह तकनीक चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुलभ व विश्वसनीय बनाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में शोध और नवाचार के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार चौधरी ने की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने इस प्रकार के अंतरविषयक व्याख्यानों को विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।

व्याख्यान के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने गहरी रुचि दिखाई। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका समाधान मुख्य वक्ता ने सरल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया।कार्यक्रम के अंत में स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के डॉ. नवीन शंकर पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मुख्य वक्ता, अध्यक्ष, सभी शिक्षकगण, अतिथियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित हुए ।