नैनीजोर में अचानक आए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने सब्जी फसलों को किया तबाह, बिहार घाट का पीपापुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित

ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर क्षेत्र में रविवार की दोपहर अचानक आए तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। कुछ ही मिनटों में बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, वहीं गंगा नदी पर बना बिहार घाट का पीपापुल क्षतिग्रस्त होने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क भी प्रभावित हो गया।

नैनीजोर में अचानक आए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने सब्जी फसलों को किया तबाह, बिहार घाट का पीपापुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन बाधित

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर क्षेत्र में रविवार की दोपहर अचानक आए तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। कुछ ही मिनटों में बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, वहीं गंगा नदी पर बना बिहार घाट का पीपापुल क्षतिग्रस्त होने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क भी प्रभावित हो गया।दोपहर करीब तीन बजे आए तेज तूफान ने नैनीजोर और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि गंगा नदी पर बना पीपापुल कई हिस्सों में टूटकर बिखर गया। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण दोनों राज्यों के बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

गंगा पार खेती-बारी के कार्य से गए कई किसान और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से लौट रहे लोग नदी के दूसरे छोर पर फंस गए। बाद में स्थानीय लोगों और नाविकों की मदद से उन्हें नावों के जरिए सुरक्षित वापस लाया गया।प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा। तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि से लौकी, नेनुआ, करेला, भिंडी, बैंगन समेत विभिन्न मौसमी सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों ने बताया कि फसलें बाजार में बिक्री के लिए तैयार थीं, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई खेतों में सब्जियों की बेलें टूट गईं और तैयार फसल जमीन पर बिछ गई।

तूफान के दौरान कई पेड़ उखड़ गए, जबकि गंगा नदी के घाटों पर दरारें पड़ने की भी सूचना है। ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों पर जलजमाव होने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।दिलचस्प बात यह रही कि जहां ब्रह्मपुर प्रखंड के अधिकांश हिस्सों में दिनभर भीषण गर्मी और तेज धूप का असर बना रहा, वहीं नैनीजोर क्षेत्र में अचानक आए इस भीषण तूफान ने लोगों को हैरान कर दिया। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव की चर्चा पूरे इलाके में होती रही।स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कर उचित मुआवजा देने तथा क्षतिग्रस्त पीपापुल की जल्द मरम्मत कर आवागमन बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बंद रहने से व्यापार, खेती और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित होंगी।