चौसा में श्रमिकों के सम्मान का अनोखा आयोजन, हक-अधिकारों के लिए एकजुट होने का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चौसा में श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर एक अलग ही माहौल देखने को मिला। चौसा थर्मल पावर मजदूर यूनियन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।


__ मजदूर दिवस पर यूनियन का कार्यक्रम, श्रमिकों का अभिनंदन कर जागरूकता पर दिया जोर
केटी न्यूज/चौसा
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चौसा में श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर एक अलग ही माहौल देखने को मिला। चौसा थर्मल पावर मजदूर यूनियन के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।कार्यक्रम का आयोजन यूनियन कार्यालय में किया गया, जहां बड़ी संख्या में मजदूर, महिलाएं और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत श्रमिकों के हाथों केक कटवाकर की गई, जो इस आयोजन को खास बनाता है। इसके बाद श्रमिकों की आरती उतारी गई, पुष्प वर्षा की गई और अंगवस्त्र देकर उनका सम्मान किया गया। मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं भी दी गईं।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे यूनियन के महामंत्री एवं पूर्व जिला पार्षद अधिवक्ता डॉ. मनोज कुमार यादव ने श्रमिकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजदूर समाज की असली नींव हैं। उनके बिना किसी भी देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि खेतों से लेकर कारखानों, निर्माण स्थलों, परिवहन और बिजली उत्पादन तक हर क्षेत्र में मजदूरों की मेहनत ही देश को आगे बढ़ाती है।उन्होंने मजदूर दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का भी है। मजदूरों को उचित वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार, समाज और संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई मजबूत तरीके से लड़ सकते हैं। यूनियन ने भरोसा दिलाया कि वह हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी रहेगी और किसी भी प्रकार के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस अवसर पर कई सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

