बक्सर में ‘स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु’ अभियान का शुभारंभ

जिला जल एवं स्वच्छता समिति, बक्सर के तत्वावधान में बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में “स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने की। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा कचरा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।

बक्सर में ‘स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु’ अभियान का शुभारंभ

__ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर, उप विकास आयुक्त ने सभी के सहयोग का किया आह्वान

केटी न्यूज/बक्सर

जिला जल एवं स्वच्छता समिति, बक्सर के तत्वावधान में बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में “स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने की। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा कचरा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक, जिला स्वच्छता समन्वयक, जिला जनजागरूकता एवं संचार सलाहकार, जिला समन्वयक तथा अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वच्छता कर्मी एवं पंचायत स्तर के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को मिलकर कार्य करना होगा।बैठक के दौरान अभियान के सफल संचालन के लिए निर्धारित तिथिवार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत गांवों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, सामूहिक श्रमदान, कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन, वृक्षारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाएगा।बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, घरों और संस्थानों में कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण तथा ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था से न केवल गांव स्वच्छ होंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया। सभी ने ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, हरित वातावरण विकसित करने तथा स्वच्छ और स्वस्थ गांवों के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।अंत में सभी प्रतिभागियों ने अभियान के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने तथा जिले को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयासों के बल पर यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।