नव-निर्मित बजरंग बली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम
रामनवमी के अवसर पर पुराना भोजपुर चौक स्थित नव-निर्मित बजरंग बली मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामूहिक भागीदारी और आस्था का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

केटी न्यूज/डुमरांव
रामनवमी के अवसर पर पुराना भोजपुर चौक स्थित नव-निर्मित बजरंग बली मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामूहिक भागीदारी और आस्था का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जहां आचार्य बबलू ओझा के नेतृत्व में विधि-विधान से पूजा-पाठ, हवन और अनुष्ठान संपन्न कराए गए।

इसके साथ ही 24 घंटे का अखंड हनुमान चालीसा पाठ आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से भाग लिया।नवमी के दिन चालीसा पाठ की पूर्णाहुति के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई और विशेष महाआरती का आयोजन किया गया।मंदिर का निर्माण स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ है। पुराने जर्जर ढांचे की जगह बने इस नए मंदिर को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

रामनवमी के उपलक्ष्य में भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण में युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।स्थानीय लोगों का मानना है कि मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और समरसता को भी मजबूत करता है। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है।

