जन्म-मृत्यु पंजीकरण में सटीकता और समयबद्धता जरूरी - डीएम साहिला

जिले में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी सह जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) बक्सर साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जन्मदृमृत्यु रजिस्ट्रीकरण कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जन्म-मृत्यु पंजीकरण में सटीकता और समयबद्धता जरूरी - डीएम साहिला

-- जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण में अधिकारियों, कर्मियों का क्षमतावर्द्धन, कानून व पोर्टल की दी गई विस्तृत जानकारी

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी सह जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) बक्सर साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जन्मदृमृत्यु रजिस्ट्रीकरण कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) मोती कुमार दिनकर के संयोजन में किया गया। प्रशिक्षण से पूर्व जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी-सह-जिला रजिस्ट्रार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

-- कानूनी प्रावधानों की दी गई गहन जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी इटाढ़ी हेमंत कुमार चौबे एवं सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह द्वारा प्रतिभागियों को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान जन्मदृमृत्यु पंजीकरण के महत्व, प्रशासनिक ढांचे, रजिस्ट्रेशन खंड, रजिस्ट्रार की नियुक्ति एवं उनकी भूमिका, अनुज्ञा प्रक्रिया, विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी के आदेश, विलंब से पंजीकरण की प्रक्रिया, त्रुटि सुधार, तथा प्रावधानों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की जानकारी दी गई।

-- नए अधिनियम व संशोधित नियमावली पर जोर

प्रशिक्षण में जन्म एवं मृत्यु अधिनियम 1969, जन्म एवं मृत्यु अधिनियम 2023, बिहार राज्य जन्म एवं मृत्यु अधिनियम 1999 तथा संशोधित नियमावली 2025 के प्रावधानों पर विशेष प्रकाश डाला गया। साथ ही जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण में प्रयुक्त होने वाले सभी आवश्यक प्रपत्रों की व्यवहारिक जानकारी साझा की गई।

-- विभागीय पोर्टल की तकनीकी समझ

प्रतिभागियों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की तकनीकी प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई, ताकि डिजिटल माध्यम से पंजीकरण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और आम जनता को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का नियमसंगत एवं व्यावहारिक समाधान भी किया गया।

-- डीएम का संदेश: जिम्मेदारी और संवेदनशीलता जरूरी

जिलाधिकारी साहिला ने अपने संबोधन में कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही आम लोगों को गंभीर समस्याओं में डाल सकती है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

-- अधिकारियों की रही व्यापक मौजूदगी

इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी बक्सर, अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, उपाधीक्षक-सह-रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) सदर एवं अनुमंडल अस्पताल, प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार, सहायक एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस संदेश दिया गया।